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सैनिक शासन से मुकाबला: म्यांमार की ‘समानांतर सरकार’ को मिल रही हैं अहम कूटनीतिक कामयाबियां

Fri, 10 Sep 2021 04:23 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 10 Sep 2021 04:23 PM IST
सार

पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे देश के सैनिक शासन के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। सैनिक शासन भी खास कर पश्चिमी देशों से मान्यता पाने की कोशिशों में जुटा रहा है। म्यांमार की सेना ने पिछले फरवरी में वहां की निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट दिया था।

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Military rule of Myanmar is also trying to gain recognition, especially from Western countries
म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

म्यांमार में विपक्षी गुटों की तरफ से बनाई गई समानांतर सरकार- नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट (एनयूजी) दुनियाभर के लोकतांत्रिक देशों से संपर्क कर रही है। वह उन देशों से अपील कर रही है कि वे एनयूजी को म्यांमार की वैध सरकार के रूप में मान्यता दें। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे देश के सैनिक शासन के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। सैनिक शासन भी खास कर पश्चिमी देशों से मान्यता पाने की कोशिशों में जुटा रहा है। म्यांमार की सेना ने पिछले फरवरी में वहां की निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट दिया था।

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जानकारों के मुताबिक इसी महीने होने जा रहा संयुक्त राष्ट्र महासभा का 76वां सम्मेलन म्यांमार के लिए के महत्त्वपूर्ण होगा। महासभा की नौ देशों की एक समिति को इस बारे में फैसला करना है कि संयुक्त राष्ट्र में म्यांमार की सीट किस सरकार को दी जाए। इस समिति के सामने म्यांमार की दोनों ‘सरकारों’ ने अपना दावा पेश किया है। एनयूजी के विदेश मंत्री जिन मार आंग का दावा है कि विपक्षी ‘सरकार’ को कूटनीतिक लिहाज से महत्त्वपूर्ण सफलताएं मिल रही हैं। उन्होंने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से बातचीत में कहा कि कई पश्चिमी और एशियाई सरकारों ने एनयूजी को मान्यता देने का आश्वासन दिया है।
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जिन मार आंग ने बताया कि चेक रिपब्लिक, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया ने एनयूजी की तरफ से नियुक्त प्रतिनिधि को अपने-अपने देशों में मान्यता दे दी है। उन्होंने कहा कि एनयूजी जल्द ही ब्रिटेन और जापान के लिए भी अपने प्रतिनिधि नियुक्त करेगी। वेबसाइट निक्कई एशिया के मुताबिक आंग के साथ उसकी ये बातचीत एक गुप्त जगह पर हुई। आंग ने बताया कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने समानांतर सरकार से संपर्क किया है। आंग ने बताया कि अगस्त में उनकी अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शरमन से सीधी बातचीत हुई थी। उन्होंने दावा कि इन घटनाओं से म्यांमार में लोकतंत्र बहाली के समर्थक देशों का इरादा जाहिर हो गया है।

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सियोल में जारी एक बयान में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने म्यांमार की समानांतर सरकार से संपर्क करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद म्यांमार के लोगों की इच्छा के मुताबिक वहां समाधान निकालना है। विश्लेषकों के मुताबिक विदेश में बसे म्यांमार के लोगों की संबंधित देशों में लॉबिंग से एनयूजी को लाभ हुआ है। इनमें से बहुत से लोग ऐसे हैं, जो एक दशक पहले जब म्यांमार में सैनिक शासन था, तब वहां से भाग कर अलग-अलग देशों में बस गए थे। इन लोगों ने म्यांमार में मौजूदा सैनिक शासकों की दमनकारी नीतियों की खबरों को खूब प्रचारित किया। इसका असर उन देशों की जनता और आखिरकार सरकारों पर भी होता दिख रहा है।

बैंकाक में थाईलैंड के राजनयिकों ने निक्कई एशिया से बातचीत में एनयूजी के इस दावे की पुष्टि की कि पश्चिमी देशों में समानांतर सरकार को तरजीह दी जा रही है। इन राजनयिकों ने कहा कि कई पश्चिमी देशों के प्रतिनिधियों ने एनयूजी के नुमाइंदों के साथ बैठक की है। उनका एनयूजी के साथ संपर्क लगातार बना हुआ है। एक राजनयिक ने कहा- ‘संकट का समाधान ढूंढने की कोशिश में यह एक अहम पहलू है।’

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