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Hindi News ›   World ›   Military coup in Myanmar Army targeting innocent children killed more than 40 since February

अमानवीयता: म्यांमार में बेकसूर बच्चों को निशाना बना रही सेना, घर के बाहर हंसती-खेलती नन्ही ‘परी’ की मौत ने दुनिया को झकझोरा

Tue, 06 Apr 2021 06:57 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, नेपिता
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, नेपिता Published by: देव कश्यप Updated Tue, 06 Apr 2021 06:57 AM IST
सार

  • 550 से ज्यादा लोग मारे गए, 40 की उम्र 18 साल से कम
  • रिहायशी इलाकों में फायरिंग से उठे सवाल

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Military coup in Myanmar Army targeting innocent children killed more than 40 since February
आये म्यात थु (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

म्यांमार में सेना फरवरी में तख्तापलट के बाद से क्रूरता की सारी हदें पार कर रही है। पिछले कुछ हफ्तों में वहां सैनिकों के हाथों अब तक करीब 43 बेकसूर बच्चे जान गंवा चुके हैं। इनमें से कई खेलते हुए मारे गए तो कुछ परिवार के साथ बाहर निकले और फिर लौटकर नहीं आए। इन्हीं बच्चों में से एक नाम है दस साल की बच्ची आये म्यात थु का। थु इन दिनों दुनियाभर में म्यांमार में चल रहे सैन्य जुल्म की पराकाष्ठा का उदाहरण बन गई है। रविवार को उसके अंतिम संस्कार के मार्मिक दृश्यों ने दुनिया को झकझोर दिया।

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एक झटके में कनपटी छलनी कर गई गोली
बात 27 मार्च की है। शाम 5ः30 बजे थे। मौलाम्याइन शहर में थु अपने घर के सामने खिलौनों से खेल रही थी। कुछ दूरी पर ही खड़े पिता यू सोए ऊ ने बेटी को खाने के लिए नारियल दिया था। थु बमुश्किल पहला टुकड़ा खा पाई थी कि अचानक धड़ाम से गिरने की आवाज आई। ऊ ने मुड़कर देखा कि बेटी पेट के बल सड़क पर गिरी है और नारियल उसके हाथ से छूटकर दूर जा गिरा। अगले ही पल ऊ को खून की तेज धार बहती दिखी। असल में थु के कनपटी पर गोली आकर लगी थी। पिता उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन घंटेभर में उसकी मौत हो गई।
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40 लोग 18 साल से कम के
 रिहायशी इलाकों में फायरिंग पर दुनिया भर में सवाल उठ रहे हैं। वहीं, एक निगरानी संगठन के मुताबिक, एक फरवरी को हुए तख्तापलट के बाद अब तक 550 से ज्यादा लोग सुरक्षाकर्मियों की गोलियों का शिकार बने हैं। इनमें सड़क किनारे खड़े लोग भी हैं। मारे गए 40 से ज्यादा लोगों की उम्र 18 साल से कम थी।
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इस दृश्य ने झकझोर दिया

  • धर्मगुरुओं की उपस्थिति में रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान जब परिवार ने थु के ताबूत में उसके खिलौने, ड्रॉइंग्स, कलर पेंसिल और पसंदीदा चीजें रखीं तो इस मार्मिक दृश्य ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया।
  • परिवार का कहना है, थु मेकअप आर्टिस्ट या नर्स बनने का ख्वाब देखती थी। लेकिन एक गोली ने चंद पलों में उसके सारे सपने चकनाचूर कर दिए।

छीन ली हमारी परी, कैसे लें बदला
थु की मां दाव टोए टोए विन कहती हैं, हमने बेटी को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा है। हमें न्याय कौन देगा। हम कहां आैर किससे बदला लें। थु के चाचा यु थेन युआंत कहते हैं कि मेरा वश चले तो मैं दोषी फौजियों की चमड़ी उधेड़ दूं, उन्होंने हमारी ‘परी’ को छीन लिया। पिता सदमे में हैं। बस एक ही बात दोहरा रहे हैं-गोली लगते ही थु गिरी और मर गई।

टिकटॉक पर बनती थी राजकुमारी
थ ने पैसे जोड़कर एक साइकिल खरीदी थी, जिस पर वह नीली टोकरी लगाए रखती थी। उसे टिकटॉक का शौक था और राजकुमारी वाले फिल्टर लगाकर अपनी बहनों के साथ नाचते हुए काफी वीडियो बनाती थी।

सबसे पूछती थी-क्यों हो रही है लोगों की मौत
थु की चाची बताती हैं कि सड़कों पर हो रहे प्रदर्शन और लोगों की मौत को लेकर वह पूछती थी कि अपने देश में यह क्या हो रहा है।

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