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एनआरआई की लोगों से अपील, संकट में फंसे भारतीयों की मदद करे प्रवासी समुदाय
Sun, 22 Dec 2019 05:24 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 22 Dec 2019 05:24 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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धन की कमी के चलते अपने नागरिकों की मदद कर पाने में भारतीय दूतावासों की असमर्थता को देखते हुए एक प्रसिद्ध प्रवासी भारतीय (एनआरआई) ने विदेशों में संकट में फंसे भारतीयों को त्वरित आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए प्रवासी समुदाय को प्रक्रिया में शामिल होने को कहा है। इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आईसीडब्ल्यूएफ व अन्य प्रतिष्ठित संगठनों, व्यक्तियों को भी आव्हान किया गया है।
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भारतीय समुदाय कल्याण निधि (आईसीडब्ल्यूएफ) का गठन 2009 में किया गया था जिसका मकसद संकट व आपातकाल में विदेशों में मौजूद उन भारतीयों की मदद करना है जिन्हें सबसे अधिक इसकी जरूरत हो। बता दें कि भारत सरकार 2017 में दूतावासों और वाणिज्यिक दूतावासों को प्रत्येक निधि की अदायगी के लिए नई दिल्ली से मंजूरी लेने संबंधी निर्णय प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण कर चुकी है।
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कई वर्षों से संकट में फंसे भारतीयों की मदद कर रहे न्यूयॉर्क के प्रेम भंडारी ने कहा, चूंकि आईसीडब्ल्यूएफ पूरी तरह से चंदे पर आधारित है इसलिए अमेरिका और ब्रिटेन में मौजूद बड़े दूतावासों के पास ही पर्याप्त संसाधन होते हैं जो संकटग्रस्त भारतीयों की जरूरत पूरी कर सकें। लेकिन सूडान जैसे देश जहां फैक्ट्री में लगी भीषण आग से 20 भारतीय मजदूरों की मौत हो गई थी वहां इनकी कोई मदद नहीं कर पाता है।
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भारत से योगदान की अपील
भारतीय मूल के प्रेम भंडारी ने भारत सरकार से अपील की है कि प्रवासी भारतीयों और प्रवासी भारतीय समुदायों को इस निधि में खुले दिल से योगदान देने की अनुमति दें। उन्होंने इस मुद्दे को विदेश मंत्रालय के समक्ष भी उठाया है।