US Tariff: जवाबी टैरिफ के कार्यकारी आदेश में भारत का जिक्र, अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए शुल्कों का दिया हवाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने भारत पर 27 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसके अलावा टैरिफ के कार्यकारी आदेश में भारत का जिक्र किया गया है। आइए जानते हैं क्या है मामला...।
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी टैरिफ के कार्यकारी आदेश में भारत का जिक्र है। ट्रंप के कार्यकारी आदेश की प्रति में भारत की ओर से अमेरिका पर लगाए जाने वाले सारे शुल्कों की जानकारी दी गई है। व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में 'व्यापार प्रथाओं को सुधारने के लिए पारस्परिक टैरिफ के साथ आयात को विनियमित करना जो बड़े और लगातार वार्षिक संयुक्त राज्य अमेरिका के माल व्यापार घाटे में योगदान करते हैं' शीर्षक वाले कार्यकारी आदेश पर ट्रंप ने हस्ताक्षर किए।
आदेश में कहा गया है कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य अपने टैरिफ दरों को सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र (एमएफएन) के आधार पर बांधने पर सहमत हुए। डब्ल्यूटीओ के अनुसार अमेरिका में दुनिया में सबसे कम साधारण औसत एमएफएन टैरिफ दरें 3.3 प्रतिशत हैं। जबकि ब्राजील (11.2 प्रतिशत), चीन (7.5 प्रतिशत), यूरोपीय संघ (ईयू) (5 प्रतिशत), भारत (17 प्रतिशत) और वियतनाम (9.4 प्रतिशत) जैसे कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की साधारण औसत एमएफएन टैरिफ दरें काफी अधिक हैं। ये औसत एमएफएन टैरिफ दरें विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में विशेष उत्पादों पर लागू टैरिफ दरों में बहुत बड़ी विसंगतियों को छिपाती हैं।
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आदेश में कहा गया है कि उदाहरण के लिए अमेरिका यात्री वाहन आयात ( जन के साथ) पर 2.5 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, जबकि उसी उत्पाद पर यूरोपीय संघ (10 प्रतिशत), भारत (70 प्रतिशत) और चीन (15 प्रतिशत) जैसा बड़ा शुल्क लगाते हैं। नेटवर्क स्विच और राउटर के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका 0 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, लेकिन भारत (10 प्रतिशत) वसूलता है। एथेनॉल पर अमेरिका के (2.5 प्रतिशत) के मुकाबले ब्राजील (18 प्रतिशत) और इंडोनेशिया (30 प्रतिशत) टैरिफ लगाते हैं। भूसी में चावल के लिए यूएस एमएफएन टैरिफ 2.7 प्रतिशत (मूल्यानुसार समतुल्य) है, जबकि भारत (80 प्रतिशत), मलेशिया (40 प्रतिशत), और तुर्की (औसतन 31 प्रतिशत) उच्च दरें लगाते हैं। सेब का संयुक्त राज्य अमेरिका में शुल्क मुक्त प्रवेश करते हैं, लेकिन तुर्की (60.3 प्रतिशत) और भारत (50 प्रतिशत) के साथ ऐसा नहीं है।
कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि ट्रंप को लगता है कि हमारे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में पारस्परिकता की कमी, असमान टैरिफ दरें और गैर-टैरिफ बाधाएं, और अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों की आर्थिक नीतियां जो घरेलू मजदूरी और खपत को दबाती हैं, अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा है। खतरे का स्रोत अमेरिका के बाहर प्रमुख व्यापारिक भागीदारों की घरेलू आर्थिक नीतियों और वैश्विक व्यापार प्रणाली में संरचनात्मक असंतुलन है। मैं इस खतरे के संबंध में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करता हूं।
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ट्रंप ने आदेश में कहा कि पारस्परिकता प्रतिबद्धता के बावजूद अमेरिका और उसके व्यापारिक साझेदारों के बीच व्यापारिक संबंध अत्यधिक असंतुलित हो गए हैं। युद्ध के बाद की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली तीन गलत धारणाओं पर आधारित थी। इसमें पहली कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को उदार बनाने में दुनिया का नेतृत्व करता है, तो बाकी दुनिया भी उसका अनुसरण करेगी। दूसरा कि ऐसे उदारीकरण से अधिक आर्थिक अभिसरण होगा और संयुक्त राज्य अमेरिका में हिस्सेदारी की ओर अभिसरित होने वाले अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों के बीच घरेलू खपत में वृद्धि होगी। तीसरी इससे संयुक्त राज्य अमेरिका में बड़े और लगातार माल व्यापार घाटे नहीं होंगे।
भारत पर लगाया 27 फीसदी टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर 27 फीसदी रियायती टैक्स लगाने की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत बहुत, बहुत सख्त है। भारत के प्रधानमंत्री अभी-अभी अमेरिका का दौरा करके गए हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं और हम उनसे लगभग कुछ भी नहीं लेते।
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