फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Mario Draghi to resign as Italian prime minister after coalition withdraws support

Mario Draghi offers resign: राजनीतिक अस्थिरता इटली तक पहुंची, द्राघी हटे तो पूरे यूरोप पर पड़ेगा असर

Sat, 16 Jul 2022 07:18 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोम Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 16 Jul 2022 07:18 PM IST
सार

द्राघी के इस्तीफे की खबर का वित्तीय बाजारों पर साफ असर दिखा। अर्थशास्त्रियों ने चिंता जताई है कि आर्थिक संकट के इस वक्त में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं। यूरोपियन यूनियन की मुद्रा यूरो के भाव में बीते तीन महीनों में रिकॉर्ड गिरावट आ चुकी है। इस कारण यूरो जोन में आने वाले देशों में चिंता गहरी हुई है...

विज्ञापन
Mario Draghi to resign as Italian prime minister after coalition withdraws support
मारियो द्राघी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

यूरोप में बढ़ रही राजनीतिक अस्थिरता का नया शिकार इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्राघी बने हैं। प्राकृतिक गैस के अभाव और रिकॉर्ड महंगाई के कारण यूरोपीय देशों में राजनीतिक अनिश्चय हाल में बढ़ा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और एस्तोनिया की प्रधानमंत्री केजा कलास को हाल में इस्तीफा देना पड़ा। उसके पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी संसदीय बहुमत वापस पाने में नाकाम रही।

विज्ञापन

 

मारियो द्राघी ने गुरुवार रात इस्तीफा देने का एलान किया। 74 वर्षीय द्राघी बैंकर हैं। 2008 के वित्तीय संकट के दौरान यूरो मुद्रा को बचाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। साथ ही यूरोपियन यूनियन के अंदर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इटली में आर्थिक स्थिरता लाने का श्रेय भी उन्हें रहा है। लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच द्राघी के नेतृत्व वाले गठबंधन में फूट पड़ गई है।

विज्ञापन

 

द्राघी के इस्तीफे की घोषणा करने के कुछ ही घंटों के अंदर इटली के राष्ट्रपति सर्गियो मातारेला ने कहा कि वे इस्तीफा स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन पर्यवेक्षकों के मुताबिक इससे इटली का राजनीतिक संकट दूर नहीं हुआ है। द्राघी के नेतृत्व वाले गठबंधन से फाइव-स्टार पार्टी अलग हो गई है। उसने द्राघी के आर्थिक सुधार कार्यक्रम को समर्थन देने से इनकार कर दिया है। फाइव-स्टार सत्ताधारी गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर अभी किसी तरह द्राघी की सरकार बच जाती है, तब भी वह स्थिर शासन नहीं दे पाएगी। बल्कि आने वाले दिनों में सत्ता संघर्ष और तेज होगा। इटली में अगले साल आम चुनाव होने हैं। इसलिए सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टियां ऐसे सुधारों के साथ खड़ी नहीं दिखना चाहतीं, जिनसे आम जनता पर बोझ बढ़ेगा।

 

 

द्राघी के इस्तीफे की खबर का वित्तीय बाजारों पर साफ असर दिखा। अर्थशास्त्रियों ने चिंता जताई है कि आर्थिक संकट के इस वक्त में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं। यूरोपियन यूनियन की मुद्रा यूरो के भाव में बीते तीन महीनों में रिकॉर्ड गिरावट आ चुकी है। इस कारण यूरो जोन में आने वाले देशों में चिंता गहरी हुई है।
 

 

विश्लेषकों ने कहा है कि इटली में हालात बिगड़े, तो उसका असर पूरे यूरोप में महसूस किया जाएगा। इटली की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद स्टिफानो सिकेन्ती ने वेबसाइट पॉलिटिको से कहा- ‘जर्मन चांसलर ओलोफ शोल्ज कुछ महीने पहले ही सत्ता में आए हैं। संसदीय चुनाव के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कमजोर हुए हैं। उनके बाद द्राघी ही सबसे महत्त्वपूर्ण नेता हैं।’

 

राजनीतिक विश्लेषक वोल्फांगो पिकोली ने कहा है कि द्राघी के बिना ऊर्जा संकट का मुकाबला करना और बढ़ती महंगाई से उपभोक्ताओं को राहत देने के उपाय करना ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। द्राघी रूस से आयात होने वाले कच्चे तेल की कीमत पर सीमा लगाने की योजना आगे बढ़ा रहे थे। हाल में जी-7 की बैठक में उनकी योजना को बाकी छह देशों के नेताओं का भी समर्थन मिला था। पिकोली ने कहा- ‘ये कुछ ऐसी पहल हैं, जहां द्राघी प्रभाव डाल सकते हैं। उनकी बात यूरोप में सुनी जाती है और वे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से भी सीधे बात करने की हैसियत रखते हैं। इसलिए उनका पद से हटना पूरे यूरोप का नुकसान होगा।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed