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India-Maldives: 'भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे रिन्यूअल नहीं'; राष्ट्रपति मुइज्जू का मशीन लेने से भी इनकार
Wed, 06 Mar 2024 04:48 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले (मालदीव)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले (मालदीव)
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 06 Mar 2024 04:48 PM IST
सार
भारत के साथ तल्ख रिश्तों के बीच मालदीव ने राष्ट्रपति पर हाइ्रोग्राफिक सर्वेक्षण की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी है। चंद महीने पहले सत्ता की कमान थामने वाले राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा, सर्वेक्षण के लिए जरूरी मशीनों को हासिल करने की उनकी कोई योजना नहीं है।
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर हाइ्रोग्राफिक सर्वेक्षण किए जाने संबंधी समझौते को रिन्यू नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति ने खुद इस बात का एलान किया कि उनकी सरकार भारत के साथ समझौते को नवीनीकृत करने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने साफ किया कि सर्वेक्षण के लिए जरूरी सुविधाओं और मशीनों को हासिल करने की उनकी कोई योजना नहीं है। मुइज्जू ने यह घोषणा भी की है कि उनका देश मालदीव के जल क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी प्रणाली स्थापित करने पर काम शुरू कर चुका है। इसी महीने शुरू हुए इस काम का मकसद मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत समर्थित सर्वेक्षण कराने से इनकार किया
गौरतलब है कि चीन मालदीव के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। मुफ्त सैन्य सहायता के लिए मालदीव के साथ हाल ही में चीन ने रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके कुछ ही दिनों बाद मालदीव ने भारत के साथ समझौते को नवीनीकृत नहीं करने की घोषणा की। खुद मुइज्जू ने कहा कि भारत समर्थित हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण की दिशा में उनकी सरकार आगे नहीं बढ़ेगी। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि
जलीय सीमा के भीतर खुद ही सर्वेक्षण करेगी मालदीव सरकार
खबरों के मुताबिक मालदीव का रक्षा मंत्रालय हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने के लिए जरूरी मशीन और सुविधाएं अपने स्तर पर हासिल करने के प्रयास कर रहा है। मालदीव के समाचार पोर्टल एडिशन डॉट एमवी पर राष्ट्रपति के हवाले से बयान जारी किया गया। इसके मुताबिक राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि मालदीव को अपनी जलीय सीमा के भीतर खुद ही सर्वेक्षण की अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद सरकार समुद्र के भीतर की विशेषताओं के बारे में सभी जानकारियां हासिल कर सकेगी। जानकारी जुटाने के बाद चार्ट तैयार किया जाएगा।
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भारत और मालदीव के रिश्ते नवंबर, 2023 से ही तल्ख हैं
गौरतलब है कि मुइज्जू की हालिया घोषणा को चीनी अनुसंधान पोत की गतिविधि से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाइ्रोग्राफिक सर्वेक्षण मामले में मुइज्जू का बयान चीनी पोत के माले के आसपास लगभग एक सप्ताह और मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के ठीक बाहर एक महीने से अधिक समय बिताने के कुछ दिनों बाद आई है। बता दें कि चीन समर्थक मुइज्जू ने पिछले साल सत्ता संभाली। इसके बाद से भारत-मालदीव संबंध तनावपूर्ण हैं। नवंबर 2023 में शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद, मुइज्जू ने मालदीव की संप्रभुता सुनिश्चित करने की कसम खाई थी। उन्होंने भारत से अपने सभी सैनिकों को वापस लेने की मांग की थी।
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राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत समर्थित सर्वेक्षण कराने से इनकार किया
गौरतलब है कि चीन मालदीव के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। मुफ्त सैन्य सहायता के लिए मालदीव के साथ हाल ही में चीन ने रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके कुछ ही दिनों बाद मालदीव ने भारत के साथ समझौते को नवीनीकृत नहीं करने की घोषणा की। खुद मुइज्जू ने कहा कि भारत समर्थित हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण की दिशा में उनकी सरकार आगे नहीं बढ़ेगी। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि
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जलीय सीमा के भीतर खुद ही सर्वेक्षण करेगी मालदीव सरकार
खबरों के मुताबिक मालदीव का रक्षा मंत्रालय हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने के लिए जरूरी मशीन और सुविधाएं अपने स्तर पर हासिल करने के प्रयास कर रहा है। मालदीव के समाचार पोर्टल एडिशन डॉट एमवी पर राष्ट्रपति के हवाले से बयान जारी किया गया। इसके मुताबिक राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि मालदीव को अपनी जलीय सीमा के भीतर खुद ही सर्वेक्षण की अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद सरकार समुद्र के भीतर की विशेषताओं के बारे में सभी जानकारियां हासिल कर सकेगी। जानकारी जुटाने के बाद चार्ट तैयार किया जाएगा।
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भारत और मालदीव के रिश्ते नवंबर, 2023 से ही तल्ख हैं
गौरतलब है कि मुइज्जू की हालिया घोषणा को चीनी अनुसंधान पोत की गतिविधि से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाइ्रोग्राफिक सर्वेक्षण मामले में मुइज्जू का बयान चीनी पोत के माले के आसपास लगभग एक सप्ताह और मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के ठीक बाहर एक महीने से अधिक समय बिताने के कुछ दिनों बाद आई है। बता दें कि चीन समर्थक मुइज्जू ने पिछले साल सत्ता संभाली। इसके बाद से भारत-मालदीव संबंध तनावपूर्ण हैं। नवंबर 2023 में शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद, मुइज्जू ने मालदीव की संप्रभुता सुनिश्चित करने की कसम खाई थी। उन्होंने भारत से अपने सभी सैनिकों को वापस लेने की मांग की थी।