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जाकिर नाइक पर लटकी तलवार, छीनी जा सकती है मलेशिया की नागरिकता

Fri, 16 Aug 2019 06:45 PM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 16 Aug 2019 06:45 PM IST
सार

  • मलेशिया ने नस्लीय टिप्पणी के आरोप में जाकिर नाइक को समन भेजा
  • मलेशियाई हिंदुओं को लेकर की थी टिप्पणी 

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Malaysian government sent summons to Zakir Naik on charges of racial comment
जाकिर नाईक (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

भारत से फरार इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जाकिर को 16 से 18 अगस्त के बीच कार्यक्रम को संबोधित करने से प्रतिबंधित कर दिया है। जाकिर ने एक कार्यक्रम में जातीय टिप्पणी की थी जिसे लेकर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। 

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मलेशिया की मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री डॉ. महाथिर मोहम्मद ने कहा कि अगर ये साबित हो जाता है कि जाकिर नाइक के भाषण से देश की छवि को नुकसान पहुंचा है, तो उनकी स्थायी नागरिकता वापस ली जा सकती है। 
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मलेशिया की सरकार ने गुरुवार को बताया कि मलेशियाई अधिकारियों ने इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को पूछताछ के लिए बुलाया। जाकिर नाइक पर कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी का आरोप है। 

जाकिर नाइक पर यह कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि उसने कहा था कि मलेशिया में रहने वाले हिंदुओं को भारत में रहने वाले मुस्लिम अल्पसंख्यक की तुलना में 100 गुना ज्यादा अधिकार हैं। जिसके बाद मलेशिया के कुछ मंत्रियों ने जाकिर नाइक को देश से निष्कासित करने की बात की। 

नाइक पिछले तीन सालों से मलेशिया में ही रह रहा है। उस पर भारत में मनी लांड्रिंग और भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। नाइक ने कथित तौर पर देश के जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों को मलय बहुमत के खिलाफ भड़काने वाली टिप्पणी की।  

गृह मंत्री मुहिद्दीन यासिन ने कहा कि नाइक और उसेक साथ कई अन्य व्यक्तियों को नस्लीय-विरोधी बयान देने और झूठी खबरें फैलाने के लिए पूछताछ करेंगे।

मुहिद्दीन ने एक बयान में कहा कि मैं गैर-नागरिकों सहित सभी पक्षों को याद दिलाना चाहूंगा कि अगर कोई भी सौहार्द और शान्ति भंग करने की कोशिश करेगा तो मेरे मंत्रालय के तहत प्रवर्तन एजेंसियां किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए दो बार भी नहीं सोचेंगी।

नस्ल और धर्म मलेशिया में संवेदनशील मुद्दे हैं, जहां मलय मुस्लिम 3.2 करोड़ की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हैं। बाकी ज्यादातर जातीय चीनी और भारतीय हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू हैं।

नाइक, जिसने भारत में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का बार-बार खंडन किया है, ने कहा है कि उसके विरोधी उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे है। 

राज्य की समाचार एजेंसी बरनामा ने इस सप्ताह मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद के हवाले से कहा कि नाइक को उनकी सुरक्षा के लिए डर के कारण वापस भारत नहीं भेजा जा सकता है। महाथिर ने कहा था कि अगर कोई (अन्य) देश चाहता है तो उनका स्वागत है।


भारत ने 2016 के अंत में नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने उस पर विभिन्न धार्मिक समुदायों और समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा की भावनाओं को बढ़ावा देने का प्रयास करने के लिए अपने अनुयायियों को प्रोत्साहित करने और सहायता करने का आरोप लगाया था।

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