{"_id":"5c52b198bdec224d04453531","slug":"malayasia-sultan-abdullah-sultan-ahmad-shah-ascended-the-throne-mohammad-fifth","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूसी महिला से शादी पड़ी भारी, मलेशिया के राजा को गंवानी पड़ी गद्दी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
रूसी महिला से शादी पड़ी भारी, मलेशिया के राजा को गंवानी पड़ी गद्दी
Thu, 31 Jan 2019 01:58 PM IST
Shani Mishra
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shani Mishra
Updated Thu, 31 Jan 2019 01:58 PM IST
विज्ञापन
सुल्तान मोहम्मद पंचम
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलेशिया ने पिछले राजा के ऐतिहासिक कदम के तहत पद त्याग करने के बाद गुरुवार को नए राजा सुल्तान अब्दुल्ला सुल्तान अहमद शाह की नियुक्ति की। पूर्व मिस मॉस्को से शादी करने के बाद सुल्तान मोहम्मद पंचम ने पद त्याग दिया था।
विज्ञापन
खेल प्रेमी सुल्तान ने एक्वा नीले रंग की पारंपरिक पोशाक पहनकर कुआलालम्पुर में राष्ट्रीय महल में पद की शपथ ली। समारोह का टेलीविजन पर राष्ट्रीय प्रसारण किया गया और प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद तथा सैकड़ों मेहमान समारोह में शामिल हुए। राजा के तौर पर शपथ लेने से पहले मध्य पहांग प्रांत के औपचारिक शासक 59 वर्षीय सुल्तान का राष्ट्रीय संसद में स्वागत किया गया और उन्होंने सलामी गारद का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
उनके पूर्ववर्ती सुल्तान मोहम्मद पंचम ने पद संभालने के दो साल बाद ही इस महीने पद त्याग कर दिया था। इससे पहले वह चिकित्सा अवकाश पर गए थे। तब खबरें आई थी कि उन्होंने पूर्व मिस मॉस्को से शादी कर ली है। उनके पद छोड़ने के लिए कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई लेकिन ऐसा पहली बार था कि किसी राजा ने मुस्लिम बहुल देश में अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया हो।
विज्ञापन
मलेशिया में संवैधानिक राजतंत्र है जहां एक अनूठी व्यवस्था के तहत देश के नौ प्रांतों के शाही शासकों के बीच हर पांच साल में राष्ट्रीय राजगद्दी बदलती है। मलेशिया का नया राजा एक उत्साही एथलीट हैं जिनके पास खेल संस्थाओं में कई अहम पद हैं।
आधिकारिक समाचार एजेंसी बरनामा में प्रकाशित एक बायोग्राफी के अनुसार, मलेशिया में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सुल्तान ब्रिटेन में पढ़ाई के लिए गए जहां वह सैंडहर्स्ट सैन्य अकादमी में शामिल हुए।