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मलाला यूसुफजई : नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने सादे समारोह में रचाई शादी, ट्विटर पर साझा कीं तस्वीरें
Wed, 10 Nov 2021 12:22 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 10 Nov 2021 12:22 AM IST
सार
बर्मिंघम में एक छोटे से निकाह समारोह में शादी के बंधन में बंधने के बाद मलाला ने एक ट्वीट में शादी की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि आज मेरे जीवन में एक अनमोल दिन है। असर और मैंने जीवनसाथी बनने के लिए शादी के बंधन में बंध गए। हमने अपने परिवारों के साथ बर्मिंघम में घर पर ही एक निकाह समारोह मनाया। कृपया हमें अपनी दुआओं से नवाजें। हम आगे की यात्रा के लिए साथ चलने के लिए उत्साहित हैं।
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निकाह के बाद पति असर और अपने माता-पिता के साथ मलाला यूसुफजई।
- फोटो : Twitter
विस्तार
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई मंगलवार को बर्मिंघम में एक छोटे से निकाह समारोह के दौरान शादी के बंधन में बंध गईं। मलाला यूसुफजई ने पुष्टि की कि वह अब एक विवाहित महिला हैं। मलाला ने एक ट्वीट में शादी समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि आज मेरे जीवन में एक अनमोल दिन है। असर और मैं जीवनसाथी बनने के लिए शादी के बंधन में बंध गए। हमने अपने परिवारों के सदस्यों के बीच बर्मिंघम स्थित घर पर ही एक छोटा सा निकाह समारोह आयोजित किया। कृपया हमें अपनी दुआओं से नवाजें। हम आगे की यात्रा के लिए साथ चलने के लिए उत्साहित हैं।
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मलाला ने निकाह समारोह की अपनी चार तस्वीरें ट्विटर पर भी पोस्ट की हैं, जिसमें उन्हें अपने पति असर, साथ ही अपने माता-पिता, जियाउद्दीन यूसुफजई और तूर पेकाई यूसुफजई के साथ देखा जा सकता है।
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24 वर्षीय मलाला यूसुफजई लड़कियों की शिक्षा के लिए काम करने वाली एक पाकिस्तानी कार्यकर्ता हैं और इतिहास में सबसे कम उम्र की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हैं। 2012 में उन्हें वैश्विक पहचान मिली जब उन्होंने लड़कियों के लिए शिक्षा के मूल अधिकार की वकालत की थी।
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इसके चलते उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में एक तालिबानी आतंकी ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी। इस हादसे के कुछ समय के बाद स्वस्थ होने पर मलाला ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मुख्यालय में शिक्षा में लैंगिक समानता की आवश्यकता पर भाषण दिया था। उस समय उनकी उम्र केवल 16 वर्ष थी।
मलाला यूसुफजई पर हमले के कारण ही पाकिस्तान ने लड़कियों के लिए शिक्षा का अधिकार विधेयक बनाया था। मलाला ने अपने ऊपर हुए हमले और उसके परिणाम के बारे में 'आई एम मलाला' नामक एक किताब भी लिखी है।