{"_id":"5c9f750fbdec22142f01b110","slug":"mahatma-gandhi-realized-challenges-of-21st-century-president-ramnath-kovind","type":"story","status":"publish","title_hn":"महात्मा गांधी को 21वीं सदी की चुनौतियों का अंदाजा बहुत पहले हो गया था : राष्ट्रपति कोविंद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
महात्मा गांधी को 21वीं सदी की चुनौतियों का अंदाजा बहुत पहले हो गया था : राष्ट्रपति कोविंद
Sat, 30 Mar 2019 07:24 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sat, 30 Mar 2019 07:24 PM IST
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोलीविया में शुक्रवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से संबंधित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज की दुनिया महात्मा गांधी के दौर की दुनिया से बहुत अलग है, लेकिन राष्ट्रपिता को 21वीं सदी की बड़ी चुनौतियों का अंदाजा बहुत पहले ही हो गया था। राष्ट्रपति कोविंद ने 21वीं सदी में राष्ट्रपिता की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि उनके सिद्धांतों ने भारत के विकास अनुभव को आकार दिया है।
विज्ञापन
बता दें कि राष्ट्रपति कोविंद लातिन अमेरिकी देश बोलीविया की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। भारत और बोलीविया के बीच राजनयिक संबंध कायम होने के बाद यह पहली उच्च-स्तरीय यात्रा है। दोनों देशों ने राजनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
विज्ञापन
सांता क्रूज स्थित अटोनोमस यूनिवर्सिटी ऑफ गैब्रिएल रेने मोरेनो में अपने संबोधन में कोविंद ने कहा कि आज की दुनिया महात्मा गांधी के समय की दुनिया से बहुत अलग है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा, ‘और फिर भी गांधीजी 21वीं सदी की चिंताओं को लेकर काफी प्रासंगिक बने हुए हैं। टिकाऊपन, पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता और प्रकृति के साथ जीने की अपनी पक्षधरता के तहत उन्होंने हमारे समय की कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का अंदाजा पहले ही लगा लिया था। संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकार किए गए सतत विकास लक्ष्य सही मायने में गांधीवादी दर्शन हैं।’
इस मौके पर राष्ट्रपति ने एक सभागार का नाम भी महात्मा गांधी के नाम पर रखा। यह यूनिवर्सिटी बोलीविया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में से एक है, जिसमें 115,000 छात्र हैं।