{"_id":"5c52c4c1bdec220f12208d95","slug":"life-affected-due-to-strike-against-the-citizenship-amendment-bill-in-manipur","type":"story","status":"publish","title_hn":"मणिपुर में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हड़ताल के चलते जनजीवन प्रभावित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
मणिपुर में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हड़ताल के चलते जनजीवन प्रभावित
Thu, 31 Jan 2019 03:35 PM IST
अजय सिंह
भाषा, इम्फाल
भाषा, इम्फाल
Published by: अजय सिंह
Updated Thu, 31 Jan 2019 03:35 PM IST
विज्ञापन
मणिपुर में नागरिकता संशोधन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मणिपुर में बृहस्पतिवार को नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ 66 संगठनों के समूह की 24 घंटे की हड़ताल के चलते कई इलाकों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
अधिकारियों ने कहा कि राजधानी इम्फाल समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है।
हाल ही में गठित मणिपुर पीपुल्स अगेंस्ट सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल (एमपीएसीएबी) ने बुधवार मध्यरात्रि को 66 संगठनों के साथ इस हड़ताल का आह्वान किया था।
समूह विधेयक को वापस लेने की मांग कर रहा है।
अधिकारी ने कहा कि कई जिलों में शैक्षिक संस्थान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि वाहन भी नहीं दिखे।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने कहा कि राजधानी इम्फाल समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है।
हाल ही में गठित मणिपुर पीपुल्स अगेंस्ट सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल (एमपीएसीएबी) ने बुधवार मध्यरात्रि को 66 संगठनों के साथ इस हड़ताल का आह्वान किया था।
समूह विधेयक को वापस लेने की मांग कर रहा है।
अधिकारी ने कहा कि कई जिलों में शैक्षिक संस्थान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि वाहन भी नहीं दिखे।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
नागरिकता (संशोधन) विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भागकर भारत में शरण लेने वाले गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों को नागरिकता पाने के लिये 12 वर्ष भारत में रहने की अनिवार्यता की जगह छह साल में नागरिकता दिये जाने का प्रावधान है।