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Pakistan: आपस में करें सुलह, आने वाली चुनौतियों से निपटें, आर्थिक संकट से जूझ रहा देश, बोले- बिलावल भुट्टो
Mon, 15 Apr 2024 06:27 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Mon, 15 Apr 2024 06:27 PM IST
सार
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने सभी नेताओं से एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सब अपने अपने अहंकार में हैं, इस कारण से देश में आर्थिक संकट है।
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बिलावल भुट्टो
- फोटो : बिलावल भुट्टो एएनआई
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विस्तार
इन दिनो पाकिस्तान की स्थिति काफी गंभीर चल रही है। देश आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है। इस पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने सभी नेताओं से एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सब अपने अपने अहंकार में हैं, इस कारण से देश में आर्थिक संकट है।
रविवार को जुल्फिकार अली भुट्टो की 45 वीं बरसी पर सिंध के लरकाना में एक सभा का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भुट्टो को 1979 में सैन्य शासन ने फांसी दी थी। उन्होंने कहा कि अब सभी राजनेताओं के एक होने का समय आ चुका है। देश की स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सभी को देश की व्यवस्था, लोकतंत्र और संस्थानों में सुधार के लिए राजनीतिक संवाद करना चाहिए। भुट्टो ने कहा देश में राजनीतिक मदभेद खत्म करने और राजनीतिक स्थिरता के लिए लोकतंत्र और सुलह के जरिए ही संभव है, कि पीपीपी पार्टी इसके लिए तैयार है।
धरना-धरना खेल नहीं एक मेज पर बैठकर बात की जाए
बिलावल भुट्टो ने कहा कि राजनीतिक दलों को धरना-धरना खेलने के बजाय एक मेज पर बैठकर बात करना चाहिए। जिसमें लोकतंत्र, संस्थानों के सुधार, देश की अर्थव्यवस्था के सुधार पर चर्चा होनी चाहिए।
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अपने अहंकार में देश को खतरे में न डालें
बिलावल ने कहा कि देश कुछ नेता अपने अहंकार में डूबे हुए हैं। वे अपने फायदे के लिए देश को खतरे में डालने के लिए तैयार हैं। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री वर्तमान सरकार पर चोरी का आरोप लगाते है। उन्होंने कहा कि इस तरह से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी। केवल लोकतंत्र कमजोर होगा।
राष्ट्रपति ने भी की अंदरूनी कलह खत्म करने की मांग
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि राजनेताओं में चल रही अंदरूनी कलह से देश खतरे में है, आने वाली पीढियां खतरे में हैं, देश की प्रगति खतरे में है। उन्होंने कहा कि इस कलह से सिर्फ देश और जनता खतरे में पड़ता है। जरदारी ने कहा कि हमेशा गरीबी सहना पाकिस्तान और उसकी जनता की नियति नहीं है। देश आर्थिक संकट से जूझ रहा, जबकि देश प्रचुर मात्रा में संसाधनों से संपन्न है।
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रविवार को जुल्फिकार अली भुट्टो की 45 वीं बरसी पर सिंध के लरकाना में एक सभा का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भुट्टो को 1979 में सैन्य शासन ने फांसी दी थी। उन्होंने कहा कि अब सभी राजनेताओं के एक होने का समय आ चुका है। देश की स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सभी को देश की व्यवस्था, लोकतंत्र और संस्थानों में सुधार के लिए राजनीतिक संवाद करना चाहिए। भुट्टो ने कहा देश में राजनीतिक मदभेद खत्म करने और राजनीतिक स्थिरता के लिए लोकतंत्र और सुलह के जरिए ही संभव है, कि पीपीपी पार्टी इसके लिए तैयार है।
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धरना-धरना खेल नहीं एक मेज पर बैठकर बात की जाए
बिलावल भुट्टो ने कहा कि राजनीतिक दलों को धरना-धरना खेलने के बजाय एक मेज पर बैठकर बात करना चाहिए। जिसमें लोकतंत्र, संस्थानों के सुधार, देश की अर्थव्यवस्था के सुधार पर चर्चा होनी चाहिए।
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अपने अहंकार में देश को खतरे में न डालें
बिलावल ने कहा कि देश कुछ नेता अपने अहंकार में डूबे हुए हैं। वे अपने फायदे के लिए देश को खतरे में डालने के लिए तैयार हैं। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री वर्तमान सरकार पर चोरी का आरोप लगाते है। उन्होंने कहा कि इस तरह से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी। केवल लोकतंत्र कमजोर होगा।
राष्ट्रपति ने भी की अंदरूनी कलह खत्म करने की मांग
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि राजनेताओं में चल रही अंदरूनी कलह से देश खतरे में है, आने वाली पीढियां खतरे में हैं, देश की प्रगति खतरे में है। उन्होंने कहा कि इस कलह से सिर्फ देश और जनता खतरे में पड़ता है। जरदारी ने कहा कि हमेशा गरीबी सहना पाकिस्तान और उसकी जनता की नियति नहीं है। देश आर्थिक संकट से जूझ रहा, जबकि देश प्रचुर मात्रा में संसाधनों से संपन्न है।