{"_id":"632b122572dda669c4407243","slug":"lancet-study-says-india-among-top-ten-countries-with-highest-type-1-diabetes-prevalence","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lancet Study: टाइप 1 मधुमेह के उच्चतम प्रसार वाले शीर्ष दस देशों में भारत, आगे और भी बढ़ेंगे मरीज","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Lancet Study: टाइप 1 मधुमेह के उच्चतम प्रसार वाले शीर्ष दस देशों में भारत, आगे और भी बढ़ेंगे मरीज
Wed, 21 Sep 2022 07:01 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मेलबर्न
पीटीआई, मेलबर्न
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 21 Sep 2022 07:01 PM IST
सार
शोधकर्ताओं ने कहा कि 2040 तक टाइप 1 मधुमेह से पीड़ितों की संख्या बढ़ेगी और यह समस्या करीब एक से डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डायबिटीज पिछले कुछ दशकों में भारत सहित दुनिया के कई देशों में यह स्वास्थ्य समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसका तेजी से भारत में प्रसार हो रहा है। वहीं द लैंसेट की एक रिपोर्ट ने चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत टाइप 1 मधुमेह के उच्चतम प्रसार वाले शीर्ष दस देशों में है।
विज्ञापन
द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अनुमानित 80 लाख से ज्यादा लोग 2021 में दुनिया भर में टाइप 1 मधुमेह के साथ जी रहे थे, और भारत इस बीमारी के उच्चतम प्रसार वाले शीर्ष दस देशों में से एक है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं ने कहा कि 2040 तक टाइप 1 मधुमेह से पीड़ितों की संख्या बढ़ेगी और यह समस्या करीब एक से डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। शोधकर्ताओं ने 97 देशों में बचपन, किशोर और वयस्क टाइप 1 मधुमेह प्रसार पर डेटा के साथ-साथ 65 देशों के समय के साथ डेटा का मॉडल तैयार किया। साथ ही 2040 तक टाइप 1 मधुमेह से क्या प्रभाव होंगे इसका भी विश्लेषण किया है।
विज्ञापन
2021 में, द लैंसेट मॉडल ने अनुमान लगाया था कि दुनिया भर में 80 लाख से ज्यादा व्यक्ति टाइप 1 मधुमेह (T1D) के साथ रह रहे थे। इन व्यक्तियों में से, 18 प्रतिशत 20 वर्ष से कम आयु के थे, 64 प्रतिशत 20-59 वर्ष के बीच थे, और 19 प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक आयु के थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि मॉडल का अनुमान है कि 2021 में टाइप 1 मधुमेह के कारण वैश्विक मौतों की संख्या 175,000 है।