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Turkiye: तुर्किये में 40 साल से चल रही लड़ाई थमी, उग्रवादी कुर्दिश संगठन ने किया युद्धविराम का एलान
Sat, 01 Mar 2025 02:09 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 01 Mar 2025 02:09 PM IST
सार
शनिवार को पीकेके ने एक बयान जारी कर कहा कि 'हम आज से युद्धविराम का एलान करते हैं ताकि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज के लिए रास्ता साफ हो सके। जब तक हमला नहीं होगा, तब तक हमारे बल हथियार नहीं उठाएंगे।'
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रेसेप तय्यिप एर्दोगान, तुर्किये के राष्ट्रपति
- फोटो : X / @RTErdogan
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विस्तार
तुर्किये में बीते 40 वर्षों से जारी लड़ाई अब थम गई है। तुर्किए के सबसे बड़े उग्रवादी संगठन कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी या पीकेके ने शनिवार को युद्धविराम का एलान कर दिया। पीकेके का यह एलान इसके नेता अब्दुल्ला ओकलान के उस बयान के दो दिन बाद सामने आया है, जिसमें ओकलान ने समूह के लड़ाकों से हथियार डालने और समूह को खत्म करने की अपील की थी। अब्दुल्ला ओकलान साल 1999 से जेल में बंद हैं।
शनिवार को पीकेके ने किया युद्धविराम का एलान
शनिवार को पीकेके ने एक बयान जारी कर कहा कि 'हम आज से युद्धविराम का एलान करते हैं ताकि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज के लिए रास्ता साफ हो सके। जब तक हमला नहीं होगा, तब तक हमारे बल हथियार नहीं उठाएंगे।' तुर्किये और पीकेके के बीच साल 1984 में संघर्ष शुरू हुआ था, जिसमें अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले साल 2015 में तुर्किये की सरकार और कुर्दिश संगठन के बीच बातचीत की कोशिश हुई थी, लेकिन उस वक्त सहमति नहीं बन पाई थी। अब समूह के नेता अब्दुल्ला ओकलान की अपील के बाद युद्धविराम पर सहमति बन गई है।
अलग देश की मांग को लेकर हुई थी पीकेके की शुरुआत
पीकेके ने युद्धविराम का एलान करते हुए कहा कि 'ओकलान का बयान बताता है कि कुर्दिस्तान और मध्य पूर्व में नई एतिहासिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।' बता दें कि कुर्दिश लोग तुर्किये, इराक, सीरिया और ईरान में रहते हैं। तुर्किये में कुर्दों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है और कुर्द लोगों ने तुर्किये में कुर्दों के लिए अलग देश की मांग को लेकर पीकेके की शुरुआत की थी। पीकेके ने ओकलान को जेल से रिहा करने की भी अपील की है ताकि जब पीकेके के लड़ाके हथियार डालें तो उस कार्यक्रम में ओकलान भी मौजूद रहें।
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गुरुवार को जेल से जारी अपनी अपील में ओकलान ने कहा था कि 'तुर्किये सरकार की तरफ से कुर्दों के अधिकारों पर रोक लगाई जा रही थी, इसके जवाब में पीकेके का गठन किया गया था, लेकिन तब से अब तक कुर्दों के अधिकारों में इजाफा हुआ है। अब संगठन ने अपनी उम्र पूरी कर ली है और अब इसे खत्म कर दिया जाना चाहिए।'
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शनिवार को पीकेके ने किया युद्धविराम का एलान
शनिवार को पीकेके ने एक बयान जारी कर कहा कि 'हम आज से युद्धविराम का एलान करते हैं ताकि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज के लिए रास्ता साफ हो सके। जब तक हमला नहीं होगा, तब तक हमारे बल हथियार नहीं उठाएंगे।' तुर्किये और पीकेके के बीच साल 1984 में संघर्ष शुरू हुआ था, जिसमें अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले साल 2015 में तुर्किये की सरकार और कुर्दिश संगठन के बीच बातचीत की कोशिश हुई थी, लेकिन उस वक्त सहमति नहीं बन पाई थी। अब समूह के नेता अब्दुल्ला ओकलान की अपील के बाद युद्धविराम पर सहमति बन गई है।
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अलग देश की मांग को लेकर हुई थी पीकेके की शुरुआत
पीकेके ने युद्धविराम का एलान करते हुए कहा कि 'ओकलान का बयान बताता है कि कुर्दिस्तान और मध्य पूर्व में नई एतिहासिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।' बता दें कि कुर्दिश लोग तुर्किये, इराक, सीरिया और ईरान में रहते हैं। तुर्किये में कुर्दों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है और कुर्द लोगों ने तुर्किये में कुर्दों के लिए अलग देश की मांग को लेकर पीकेके की शुरुआत की थी। पीकेके ने ओकलान को जेल से रिहा करने की भी अपील की है ताकि जब पीकेके के लड़ाके हथियार डालें तो उस कार्यक्रम में ओकलान भी मौजूद रहें।
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गुरुवार को जेल से जारी अपनी अपील में ओकलान ने कहा था कि 'तुर्किये सरकार की तरफ से कुर्दों के अधिकारों पर रोक लगाई जा रही थी, इसके जवाब में पीकेके का गठन किया गया था, लेकिन तब से अब तक कुर्दों के अधिकारों में इजाफा हुआ है। अब संगठन ने अपनी उम्र पूरी कर ली है और अब इसे खत्म कर दिया जाना चाहिए।'