फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Kulbhushan Jadhav case : India Counted lies of Pakistan in ICJ, blamed to misuse ICJ

कुलभूषण जाधव मामला : भारत ने आईसीजे में गिनाए पाक के ये झूठ, कोर्ट का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप

Mon, 18 Feb 2019 06:09 PM IST
यशवीर सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: यशवीर सिंह Updated Mon, 18 Feb 2019 06:09 PM IST
विज्ञापन
Kulbhushan Jadhav case : India Counted lies of Pakistan in ICJ, blamed to misuse ICJ
कुलभूषण जाधव

भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान पर दुष्प्रचार के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए भारत ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण मामला है, जिसमें एक निर्दोष की जान खतरे में है। बता दें कि जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक जाधव मामले की सोमवार से आईसीजे में सुनवाई शुरू हुई, जो चार दिनों तक चलेगी।

विज्ञापन


भारत की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुनवाई के पहले दिन संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत के समक्ष कांसुलर एक्सेस को लेकर विएना समझौते के उल्लंघन और संकल्प की प्रक्रिया का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। साल्वे ने कहा, 'भारतीय नागरिक जाधव को लेकर पाकिस्तान की कहानी पूरी तरह कल्पना पर आधारित है, जिसमें सच्चाई नहीं। कांसुलर एक्सेस के बिना जाधव को लगातार हिरासत में रखा गया जिसे गैर कानूनी घोषित किया जाना चाहिए। 
विज्ञापन


साल्वे ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि पाकिस्तान जाधव मामले को एक प्रचार उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। बिना देरी पाकिस्तान को जाधव को कांसुलर एक्सेस देने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए। कांसुलर एक्सेस के लिए भारत ने 13 बार रिमाइंडर भेजा, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर अब तक गौर नहीं किया। अपनी दलील में साल्वे ने कहा कि मार्च, २०१६ में जाधव को पकड़ा गया, जबकि केस करीब एक महीने बाद दर्ज किया गया। इस दौरान भारत ने कई बार कांसुलर एक्सेस की मांग की, जिसे ठुकरा दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

जाधव को पाक सैन्य अदालत ने सुनाई है मौत की सजा

नौसेना के रिटायर्ड अफसर जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कथित जासूसी और आतंकवाद के आरोप में अप्रैल, २०१७ में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने इसके खिलाफ उसी साल मई में आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने 18 मई, 2017 में पाकिस्तान को मामले में न्यायिक निर्णय आने तक जाधव को सजा देने से रोक दिया था। पाकिस्तान दावा करता है कि सुरक्षा बलों ने जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था, जबकि इस दावे को खारिज करता है। 

भारत ने आईसीजे में गिनाए पाकिस्तान के ये झूठ

  • भारत के पास कुलभूषण जाधव के अपहरण के ठोस सबूत हैं
  • पाकिस्तान में जाधव से जबरदस्ती अपराध कबूल करवाया गया 
  • जाधव के खिलाफ एफआईआर भी काफी देर से दर्ज की गई
  • भारत और पाकिस्तान ने वियना संधि पर सहमति से हस्ताक्षर किए थे
  • जाधव को कांसुलर एक्सेस न देकर पाक ने संधि का उल्लंघन किया
  • पाक ने 13 बार भारत की कांसुलर एक्सेस की मांग को ठुकराया
  • पाक को कांसुलर एक्सेस प्रदान देने के लिए 3 महीने की जरूरत क्यों?
  • भारत ने जाधव की पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत भेजे थे 
  • केस से जुड़े पेपर सौंपने के भारत के आग्रह को भी नजरअंदाज किया
  • पाक ने सार्क कन्वेंशन को लागू नहीं किया। जाधव को वकील मुहैया नहीं कराया
  • पाकिस्तान ने जाधव को उसके अधिकारों के बारे में भी जानकारी नहीं दी
  • चार्जशीट और सैन्य कोर्ट का आदेश पाक ने कभी सार्वजनिक नहीं किया है
  • जाधव को मौत की सजा फर्जी पासपोर्ट के लिए नहीं दी गई है
  • पाकिस्तान जाधव के आरोपों की जानकारी नहीं दे रहा है
  • सैन्य अदालत की सुनवाई कानूनी प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को पूरा करने में नाकाम रही। इसे गैरकानूनी घोषित किया जाए
  • जाधव की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम बनाई गई, लेकिन उस जांच की जानकारी के बारे में भारत को मालूम नहीं चल पाया है
  • पाकिस्तान ने जाधव के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति देने की पेशकश की, शर्तों पर सहमति बनी और बैठक 25 दिसंबर, 2017 को आयोजित की गई
  • भारत ने जाधव के परिवार के साथ बैठक करने के तरीके को खारिज कर दिया था और एक पत्र लिखकर अपना विरोध जताया था
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed