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जानिए जैक डोर्सी के बारे में जिन्होंने अपने कर्मचारियों को दी घर से काम करने की आजादी
Sun, 24 May 2020 01:52 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 24 May 2020 01:52 PM IST
सार
- जैक डोर्सी ने कर्मचारियों को दी घर से काम करने की आजादी
- जब तक चाहें घर से काम कर सकते हैं कर्मचारी: जैक डोर्सी
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ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी (फाइल फोटो)
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विस्तार
ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी उन लोगों में से हैं जिन्होंने अपने कर्मचारियों घर से काम करने की आजादी दी। जैक डोर्सी ने कहा कि अगर उनके कर्मचारी चाहें तो हमेशा के लिए वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं। कंपनी की ओर से जैक डॉर्सी ने अपने एक बयान में कहा कि कोरोना के हालात को देखते हुए कर्मचारी जब तक चाहें घर से काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुधार के बाद भी कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी।
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2006 में टि्वटर की शुरुआत
बता दें कि उन्होंने हाल ही में कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए अपनी 28 फीसदी नेटवर्थ यानी करीब एक 7500 करोड़ रुपये देने का एलान किया था। जैक डोर्सी तकनीक से जुड़े एक प्रभावशाली बिजनेसमेन हैं। जैक ने 2006 में टि्वटर की शुरुआत की थी। लेकिन यह सफर उनके लिए आसान नहीं था। जिस सोशल मीडिया नेटवर्क को उन्होंने खड़ा किया उसी ने 2008 में उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया। लेकिन डोर्सी सात साल बाद दोबारा कंपनी में लौटे वो भी प्रमुख बनकर।
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अमेरिका में हुआ जन्म
जैक डॉर्सी का जन्म 19 नवंबर 1976 को अमेरिका के सेंट लुइस शहर में हुआ था। जैक ने डु बौर्ग हाई स्कूल प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी। वह स्कूल में एक शांत लड़के के रूप में जाने जाते थे। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर में रूचि दिखाई, जिसके बाद वह स्कूल के कंप्यूटर ग्रुप में शामिल हो गए।
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हाई स्कूल के बाद जैक ने मिसौरी विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी में दाखिला लिया। वहीं, उन्होंने ड्रिग्री की पढ़ाई पूरी किए बगैर विश्वविद्यालय छोड़ दिया। जैक के करियर की बात करें तो उन्होंने शुरुआती दिनों में एक प्रोग्रामर के रूप में काम करना शुरू किया था। सन 2000 में वह ओकलैंड चले गए।
कई वर्षों तक करना पड़ा संघर्ष
इसके बाद जैक ने मैसेजिंग कंपनी की शुरुआत की, लेकिन वह घाटे में चली गई। इसके बाद उन्हें कई वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा था। अक्तूबर 2006 में जैक डॉर्सी, बिज स्टोन, इवान विलियम्स समेत अन्य सदस्यों ने मिलकर एक मैसेजिंग कंपनी का गठन किया, जिसको बाद में ट्विटर का नाम दिया गया। इसके बाद दो सप्ताह के अंदर उन्होंने एक साइट तैयार की जहां यूजर्स 140 शब्दों के साथ मैसेज यानी ट्वीट कर सकते थे।
करीब 36,750 करोड़ रुपये नेटवर्थ
जैक की नेटवर्थ करीब 36,750 करोड़ रुपये है। वह टि्वटर और स्क्वायर दो बड़ी कंपनियों को चलाते हैं। लेकिन वे परंपरागत दफ्तर में भरोसा नहीं रखते। उनका खुद का कोई डेस्क औक ऑफिस नहीं है।