फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Kashmiri politicians brief EU Parliamentarians on empowering grassroots democracy

Kashmir: 'बदल रहा है कश्मीर', घाटी के प्रतिनिधि मंडल ने EU सांसदों को बताई यह बात

Wed, 26 Oct 2022 09:02 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 26 Oct 2022 09:02 AM IST
सार

कश्मीर में संघर्ष का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहा है और इसे लेकर दो क्षेत्रीय भू-राजनीतिक शक्तियों के बीच टकराव का खतरा हमेशा रहता है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर घाटी के आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले अभूतपूर्व बदलाव किए गए हैं। 

विज्ञापन
Kashmiri politicians brief EU Parliamentarians on empowering grassroots democracy
ब्रुसेल्स में आयोजित ईयू के सम्मेलन में शामिल हुए कश्मीरी नेता - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन सालों में जबर्दस्त बदलाव आ रहा है। भारत के इस राज्य के हालात को लेकर यूरोपीय संघ (EU) अक्सर चिंता प्रकट करता रहा है, लेकिन अब उसे भी बदलते परिदृश्य से रूबरू कराया जा रहा है। यह काम खुद कश्मीर के राजनीतिज्ञ कर रहे हैं। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आयोजित एक सम्मेलन में कश्मीर के प्रतिनिधि मंडल ने ईयू के सांसदों को घाटी में आ रहे सकारात्मक बदलावों से अवगत कराया। 

विज्ञापन


कश्मीरी नेताओं ने यूरोपीय सांसदों को बताया कि जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन वर्षों में कैसे बदलाव आए हैं। कश्मीरी प्रतिनिधिमंडल ने ईयू सांसदों को मुख्य रूप से महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कश्मीरी नेताओं ने ईयू सांसदों को बताया कि कैसे घाटी में जमीनी लोकतंत्र को मजबूत किया जा रहा है। 
विज्ञापन


कश्मीरी नेताओं ने ब्रुसेल्स में 'कश्मीर: जमीनी लोकतंत्र, लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की राह पर' थीम पर आयोजित सम्मेलन में शिरकत करते हुए राज्य के ताजा हालात से ईयू सांसदों को अवगत कराया। इस सम्मेलन का आयोजन यूरोपीय संसद के राजनीतिक समूह 'ईपीपी' (EPP) ने किया। यह समूह दुनिया के संघर्षरत क्षेत्रों में महिलाओं व लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए लैंगिक समानता सप्ताह मना रहा है। इसके आयोजकों में यूरोप के विभिन्न संस्थान हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कश्मीर में संघर्ष का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहा है और इसे लेकर दो क्षेत्रीय भू-राजनीतिक शक्तियों के बीच टकराव का खतरा हमेशा रहता है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर घाटी के आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले अभूतपूर्व बदलाव किए गए हैं। 

शांति और संवाद स्थापित करने पर जोर
यूरोपीय यूनियन की सांसद (MEP) डेनिएला रोंडिनेली ने कश्मीरी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए और शांति और संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी की भावी पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य के निर्माण के साथ-साथ शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यूरोपीय संघ के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है। उन्होंने कश्मीर के युवाओं और महिला नेताओं के प्रयासों का उल्लेख करते हुए बहस की शुरुआत की।

नई राजनीतिक ताकत जुटा रहा जम्मू-कश्मीर
कश्मीर में जिला विकास परिषद की अध्यक्ष सफीना बेग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर तीन दशक से अधिक समय से आतंकवाद और संघर्ष से जूझ रहा था, लेकिन अब तीन-स्तरीय स्थानीय शासन प्रणाली के माध्यम से नई राजनीतिक ताकत जुटा रहा है। दुख है कि जम्मू कश्मीर में स्थानीय आबादी को सशक्त बनाने की इस पहल को लंबे समय तक संघर्ष की दृष्टि से देखा गया। इस कारण जवाबदेह, प्रभावी और पारदर्शी शासन को सुविधाजनक बनाने के ईमानदार प्रयासों की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।


कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर जुनैद भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंक के खतरे के बावजूद हमारा विकास हो रहा है और हम आगे बढ़ रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed