फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   joint military exercise by Russia and China held in the Ningxia Hui Autonomous Region

अभियान: चीन और रूसी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्या अभ्यास, विश्लेषकों ने कहा- दोनों देशों का मकसद अलग-अलग

Mon, 16 Aug 2021 12:55 PM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Mon, 16 Aug 2021 12:55 PM IST
सार

रूस और चीन के बीच जारी युद्धभ्यास ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दोनों देशों की सेना के करीब 10 हजार जवान पेइचिंग के पश्चिम में स्थित निंग्जिया में संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर अफगानिस्तान में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। संयुक्त सैन्य अभ्यास पर कुछ विशेषज्ञों ने तंज भी कसा है। विशेषज्ञों ने कहा कि ये दिखाबे के अलावा कुछ भी नहीं है। 

विज्ञापन
joint military exercise by Russia and China held in the Ningxia Hui Autonomous Region
रूस-चीन के बीच युद्धाभ्यास - फोटो : self

विस्तार

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जा से जहां पूरी दुनिया हैरान और परेशान हैं। वहीं, दूसरी ओर रूस-चीन के बीच बढ़ी नजदीकियां अमेरिकी की चिंता बढ़ा रही है। सीमा विवाद समेत अन्य मुद्दों को लेकर कभी मास्को और बीजिंग के बीच छत्तीस का आंकड़ा हुआ करता था, लेकिन वक्त बदलने के साथ दोनों देशों के बीच दूरियां कम होने लगी। इन दिनों चीनी और रूसी सेना के करीब 10 हजार जवान पेइचिंग के पश्चिम में स्थित निंग्जिया में संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।

विज्ञापन


दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने बयान जारी कर कहा है कि इस युद्धाभ्यास के जरिए वे चीन और रूस की सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि दोशों देशों का मकसद युद्ध अभ्यास नहीं, बल्कि कुछ और है। दुनिया का ध्यान खींचने के लिए देशों की सेना युद्ध अभ्यास में जुटी हुई है। इस युद्धाभ्यास का रणनीतिक महत्व इतना ज्यादा है कि इसमें रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। आमतौर पर किसी दूसरे देश में युद्धाभ्यास के दौरान रक्षा मंत्री शामिल नहीं होते हैं। 
विज्ञापन


युद्ध की बारीकियां सीख रहे दोनों देशों के सैनिक
अभ्यास के दौरान दोनों देशों को नए हथियारों का परीक्षण करने और रूसी सैनिकों को पहली बार बख्तरबंद वाहनों सहित चीनी निर्मित उपकरणों का उपयोग करने का मौका मिला है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अभ्यास का मकसद आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को बढ़ाना है। इतना ही नहीं, युद्धाभ्यास के दौरान अर्ली वॉर्निंग डेटा उपलब्ध करवाने, टोही मिशन चलाने, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में साथ देने और संयुक्त सैन्य हमलों की ट्रेनिंग कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed