G20: अमेरिकी सीनेट पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण बरकरार, बाइडन ने जिनपिंग से मुलाकात पर दिया बड़ा बयान
जी20 समिट में शामिल होने के लिए कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में पहुंचे जो बाइडन ने कहा कि वह इस बैठक में और चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए और ज्यादा मजबूत होकर आ रहे हैं। बाइडन ने कहा कि "मुझे अच्छा लग रहा है और मैं अगले कुछ वर्षों का इंतजार कर रहा हूं।"
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपना कब्जा जारी रखा है। आठ नवंबर हो हुए मतदान के बाद जारी किए जा रहे नतीजों के मुताबिक अबतक डेमोक्रेटिक पार्टी 50 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के वोट को मिलाकर देखें तो सीनेट पर अब डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण बरकरार रहेगा। दूसरी तरफ प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी को 49 सीटों पर जीत हासिल हुई है। फिलहाल, जॉर्जिया के नतीजे आना बाकी हैं। हालांकि, मौजूदा चलन के लिहाज से देखें, तो यहां भी डेमोक्रेटिक पार्टी जीत रही है। इस तरह जॉर्जिया के नतीजे आते ही डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत हासिल हो जाएगा।
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट की 100 सीटों में से अबतक रिपब्लिकन व डेमोक्रेट्स के पास 50-50 सीटें थीं। नेवाडा और एरिजोना में कड़े मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद डेमोक्रेट्स को बहुमत की तरफ बढ़ रहे हैं। फिलहाल, जॉर्जिया का चुनावी परिणाम पर सबकी नजर है। अगर यहां कोई भी उम्मीदवार 50 फीसदी वोट हासिल नहीं कर पाया है, छह दिसंबर को फिर से मुकाबला होगा।
निचले सदन में ट्रंप की पार्टी आगे
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में 211 सीटें जीतकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी आगे चल रही है। हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। यहां डेमोक्रेटिक पार्टी को फिलहाल 204 सीटें मिली हैं। इस लिहाज से रिपब्लिकन पार्टी बहुमत के ज्यादा करीब नजर आ रही है।
435 सदस्यों वाले हाउस की अभी 20 सीटों के नतीजे आने बाकी हैं। नजीतों के ट्रेंड देखकर लग रहा है रिपब्लिकन पार्टी यहां आखिर में बहुमत हासिल कर ही लेगी, क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है।
मध्यावधि चुनावों में 20 साल में पहली बार सत्ताधारी दल का इतना अच्छा प्रदर्शन रहा है। वहीं, हाउस में भी 40 में पहली बार सत्ताधारी दल के तौर डेमोक्रेटिक पार्टी ने सबसे कम सीटें गंवाई हैं। सीनेट की नीतियों को तय करने वाले कानूनों में अहम भूमिका रहती है। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत हासिल कर लेती है, तो बाइडन को चुनावी वादों के लिए खर्च करने में रिपब्लिकन के समर्थन की जरूरत नहीं होगी।
भारतवंशी जॉर्ज फिर बने फोर्ट बेंड काउंटी न्यायाधीश
ह्यूस्टन। भारतीय-अमेरिकी केपी जॉर्ज दूसरी बार फोर्ट बेंड काउंटी के जज चुने गए। डेमोक्रेट जॉर्ज को 52 फीसदी वोट मिले। केरल से ताल्लुक रखने वाले जॉर्ज ने रिपब्लिकन पार्टी के ट्रेवर नेह्ल्स को हरा लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।
चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात पर बोले बाइडन
खटास भरे रिश्तों के बीच हो रही मुलाकात
यह मुलाकात दोनों देशों के बीच खटास भरे रिश्तों के बीच हो रही है। प्रेस सचिव कारीन जीन-पियरे ने कहा कि दोनों नेता कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। जनवरी 2021 में बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली व्यक्तिगत मुलाकात होगी। दोनों नेताओं ने फोन पर पांच बार बात की है।
पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद बढ़ गया है तनाव
जुलाई के अंत में दो घंटे की कॉल के दौरान बाइडन और शी ने चर्चा की। इसके बाद हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। चीन ने पेलोसी के खिलाफ प्रतिबंध लगाए और द्वीप के चारों ओर लाइव-फायर सैन्य अभ्यास शुरू किया। बीजिंग ने हस्तक्षेप न करने के लिए भी बाइडन को जिम्मेदार ठहराया।
शी ने नशीले पदार्थों और जलवायु सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिका के साथ बातचीत बंद कर दी। अमेरिका की ओर से ने बार-बार यह सुझाव दिया गया कि चीन द्वारा हमला किए जाने पर अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा। इससे चीन और नाराज हो गया। ऐसे में यह मुलाकात दोनों देशों के लिए काफी अहम है। इससे दोनों देश अपने बीच के मुद्दों को सुलझा सकते हैं।
आखिरी बार ट्रंप ने की थी मुलाकात
एक अमेरिकी नेता के साथ शी की आखिरी आमने-सामने मुलाकात जून 2019 में हुई, जब वह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ एक समझौते को अंतिम रूप दिया था। इसे मुलाकात के छह महीने बाद व्यापार समझौता हुआ था। दुनिया भर में फैले कोविड -19 के रूप में द्विपक्षीय संबंध खराब होते गए।