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Joe Biden: बाइडन ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का किया समर्थन, वीटो पावर को लेकर दिया बड़ा बयान
Thu, 22 Sep 2022 09:29 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 22 Sep 2022 09:29 PM IST
सार
राष्ट्रपति बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में अपने संबोधन में सुरक्षा परिषद में सुधार की बात दोहराई। बाइडन ने कहा कि उनका मानना है कि वक्त आ गया है, जब संस्था को और समावेशी बनाया जाए, ताकि यह आज के युग की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सके।
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जो बाइडन और पीएम मोदी(फाइल)
- फोटो : Social media
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत, जापान और जर्मनी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का स्थाई सदस्य बनाए जाने का समर्थन किया है। बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बुधवार को कहा कि अभी इस दिशा में बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘हम पहले भी यह मानते थे और आज भी इस बात को मानते हैं कि भारत, जापान और जर्मनी को सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाया जाना चाहिए।’’
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बाइडन ने सुरक्षा परिषद में सुधार की बात दोहराई
इससे पहले, राष्ट्रपति बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में अपने संबोधन में सुरक्षा परिषद में सुधार की बात दोहराई। बाइडन ने कहा कि उनका मानना है कि वक्त आ गया है, जब संस्था को और समावेशी बनाया जाए, ताकि यह आज के युग की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सके।
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बाइडन ने वीटो पावर पर दिया बड़ा बयान
उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्य, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा करनी चाहिए और वीटो से बचना चाहिए। बाइडन ने कहा कि वीटो सिर्फ विशेष अथवा विषम परिस्थितियों में ही होना चाहिए, ताकि परिषद की विश्वसनीयता और उसका प्रभाव बना रहे। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अमेरिका सुरक्षा परिषद में स्थाई और अस्थायी, दोनों तरह के सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर जोर देता है। इनमें वे देश भी शामिल हैं, जिनकी स्थाई सदस्यता की मांग का हम लंबे समय से समर्थन करते आ रहे हैं।
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पाकिस्तान की मदद की अपील की
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की मदद करने का आग्रह किया है। पाकिस्तान अभूतपूर्व बाढ़ से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि हम पहले से ही एक जलवायु संकट में जी रहे हैं। इस पर किसी को इस पर संदेह नहीं है। पाकिस्तान का अधिकांश हिस्सा अभी भी पानी से डूबा हुआ है। उसे मदद की जरूरत है। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में दुनिया से बाढ़ में डूबे देश की मदद करने को कहा, जहां 14 जून से अब तक 1,576 लोगों की मौत हुई है और हजारों अन्य घायल हुए हैं।
सुरक्षा परिषद को रूस को रोकना चाहिए: अमेरिका
इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से रूस को रोकने की अपील की। उन्होंने हर सदस्य राष्ट्र से रूस को स्पष्ट संदेश देने को कहा है। उन्होंने आह्वान किया कि रूसी परमाणु हमले की धमकी हर हाल में रोकी जानी चाहिए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि राष्ट्र को खतरा होने की सूरत में अपने लोगों की रक्षा के मद्देनजर परमाणु शक्ति संपन्न उनका देश हर उपलब्ध विकल्प का उपयोग करेगा।