फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Japan youth population is is severely affected with coronavirus new wave

कोरोना महामारी: जापान में नौजवानों को बनाया गया है ‘बलि का बकरा’

Fri, 28 May 2021 02:23 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 28 May 2021 02:23 PM IST
सार

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा- ‘वायरस तेजी से फैल रहा है। मुख्य रूप से यह नौजवानों और बुजुर्गों में फैल रहा है। इस स्थिति से देश के हेल्थ केयर सिस्टम पर दबाव बहुत बढ़ गया है।’

विज्ञापन
Japan youth population is is severely affected with coronavirus new wave
जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा - फोटो : Facebook/Yoshihide Suga

विस्तार

जापान में कोरोना महामारी का नौजवान तबके पर बहुत बुरा असर पड़ा है। ये बात हाल में हुए अध्ययनों से जाहिर हुई है। अब नौजवान इस बात से परेशान हैं कि उन्हें ही महामारी फैलने के लिए दोषी भी ठहराया जा रहा है। हाल में सरकारी अधिकारियों ने नौजवानों की जीवन शैली को संक्रमण के प्रसार की वजह बताया है। सरकारी तौर पर नौजवानों से अपील की गई है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और दूसरों से करवाने में वे बड़ी भूमिका निभाएं। जानकारों का कहना है कि ऐसी सामाजिक सोच से नौजवानों का मनोविज्ञान प्रभावित हुआ है।

विज्ञापन


कियो यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के छात्र 23 वर्षीय मोमोको नोजो ने एक अखबार से कहा- ‘कोरोना वायरस संक्रमण के लिए नौजवानों को दोषी ठहराने का कोई तर्क नहीं है। देश में संक्रमण रोकने के उपाय कमजोर हैं। एक साल में इस हालत में शायद ही कोई बदलाव आया है।’ नोजो अब एक ‘नो यूथ नो जापान’ नाम की एक गैर सरकारी संस्था से जुड़ गए हैं।
विज्ञापन


मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जापान में अब जो संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, उनमें आधे से ज्यादा पीड़ित 20 से 40 वर्ष की उम्र वाले लोग हैं। अब इस उम्र के वर्ग के लोग घरों में ही रहने को मजबूर हो गए हैं। वर्क फ्रॉम होम का दबाव वे झेल रहे हैं। दूसरी तरफ अब उन्हें ही कोरोना वायरस संक्रमण की मौजूदा लहर के लिए दोषी भी ठहराया जा रहा है। इस महीने के आरंभ में टोक्यो के गवर्नर युरिको कोइके ने नौजवानों से कहा था कि घर में रहना कठिन जरूर है, लेकिन वायरस तेजी से ना फैले इसलिए उन्हें घर पर ही रहना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने बीते हफ्ते इस मामले में कूदे। उन्होंने कहा- ‘वायरस तेजी से फैल रहा है। मुख्य रूप से यह नौजवानों और बुजुर्गों में फैल रहा है। इस स्थिति से देश के हेल्थ केयर सिस्टम पर दबाव बहुत बढ़ गया है।’ उधर सरकारी अधिकारियों ने जो अनुसंधान किए हैं, उनमें भी ध्यान मुख्य रूप से नौजवानों पर केंद्रित किया गया है। टोक्यो के नगर प्रशासन ने इसी महीने एक सर्वे रिपोर्ट जारी की थी। उसमें बताया गया कि ज्यादातर नौजवान मास्क पहन कर बाहर निकलने को सुरक्षित मानते हैं। इसलिए घर पर रहने के नियम का वे पालन नहीं करते। रिपोर्ट में कहा गया कि बहुत से नौजवान सिर्फ अपने दोस्तों या दूसरे लोगों से मिलने-जुलने के लिए बाहर निकलना जारी रखे हुए हैं। उसके बाद टोक्यो, ओसाका, क्योतो, नागोया और कई दूसरे शहरों ऐसे नौजवानों पर कड़ी नजर रखने के आदेश पुलिस को दिए गए।

लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस तरह नौजवानों को निशाना बना कर अधिकारियों ने उन्हें गहरे मनोवैज्ञानिक दबाव में डाल दिया है। इससे नौजवानों के मन यह अपराध बोध आ गया है कि उनकी वजह से ही महामारी फैली। गैर सरकारी संस्था जापान यूथ कांफ्रेंस के निदेशक युकी मुरोताशी ने कहा- ‘यह नजरिया उचित नहीं है। बहुत से उम्रदराज लोग भी सड़कों पर देखे जा सकते हैं। फिर यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि अपनी जिम्मेदारियां निभाने के क्रम में नौजवानों को घर से ज्यादा निकलना पड़ता है।’


मुरातोशी ने कहा कि इस समझ का विरोध होना चाहिए कि नौजवान समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक दूसरे पर दोष मढ़ा जाता रहा, तो कोरोना वायरस पर काबू पाना मुश्किल होगा। विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि जापान में टीकाकरण की गति बहुत धीमी है। ऐसे में सवाल यह भी उठाया गया है कि क्या टीकाकरण का वाजिब इंतजाम करने में अपनी नाकामी से ध्यान हटाने के लिए सरकारी अधिकारियों ने नौजवानों को बलि बकरा बनाने की रणनीति अपनाई है?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed