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Saudi Arabia: 'गाजा संघर्ष में जल्द युद्धविराम का समर्थन करता है भारत', जीसीसी की बैठक में बोले एस जयशंकर
Mon, 09 Sep 2024 09:08 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 09 Sep 2024 09:08 PM IST
सार
Saudi Arabia: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि गाजा की मौजूदा स्थिति हमारे लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। भारत की इसको लेकर स्थिति सुसंगत और सिद्धांत आधारित रही है। हम आतंकवाद और बंधक बनाए जाने की घटनाओं की भी निंदा करते हैं। लेकिन निर्दोष नागरिकों की लगातार मौत से हम भारी दुख में हैं।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत गाजा में जारी युद्ध को लेकर गहरी चिंता में है और इस्राइल व हमासस के बीच संघर्ष में युद्धविराम का समर्थन करता है। जयशंकर ने यह बयान सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की पहली मंत्री स्तरीय बैठक के दौरान दिया।
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जयशंकर ने कहा, गाजा की मौजूदा स्थिति हमारे लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। भारत की इसको लेकर स्थिति सुसंगत और सिद्धांत आधारित रही है। हम आतंकवाद और बंधक बनाए जाने की घटनाओं की भी निंदा करते हैं। लेकिन निर्दोष नागरिकों की लगातार मौत से हम भारी दुख में हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई में मानवीय कानून के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। हम जल्द से जल्द युद्धविराम का समर्थन करते हैं।
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विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा द्वि-राज्य समाधान के जरिए फलस्तीन के मुद्दे के समाधान का समर्थन किया है और फलस्तीनी संस्थानों और क्षमताओं के निर्माण में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मानवीय स्थिति का सवाल है, हमने राहत प्रदान की है तथा संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को अपना सहयोग बढ़ाया है।’’
जीसीसी एक प्रभावशाली समूह है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत का जीसीसी देशों के साथ व्यापार 184.46 अरब डॉलर था।
गाजा पट्टी में इस्राइल और हमास के बीच बीते 11 महीनों से युद्ध जारी है। पिछले साल सात अक्तूबर को गाजा पट्टी पर शासन करने वाले हमास ने इस्राइल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 अन्य का अपहरण कर लिया गया। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजराइल ने गाजा में हमले किए, जिससे व्यापक तबाही हुई और लगभग 40,000 लोग मारे गए।
जयशंकर ने कहा कि रणनीतिक वार्ता के लिए पहली भारत-जीसीसी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेना उनके लिए बहुत खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि यह बैठक न केवल उपलब्धियों पर विचार करने का अवसर है, बल्कि भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी और दूरगामी मार्ग तैयार करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत और जीसीसी के बीच संबंध इतिहास, संस्कृति और साझा मूल्यों के समृद्ध ताने-बाने में निहित हैं। ये संबंध समय के साथ मजबूत होते गए हैं और एक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं जो अर्थशास्त्र, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लोगों के बीच संबंधों और उससे भी आगे तक फैली हुई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लोगों के बीच संबंध हमारे रिश्तों की नींव हैं। करीब 90 लाख भारतीय यहां रहते हैं, जो हमारे बीच एक जीवंत सेतु का काम करते हैं। आपकी आर्थिक प्रगति में उनके योगदान को व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। हम उनके कल्याण और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए आपको धन्यवाद देते हैं।’’
जयशंकर ने कहा, ‘‘नवीकरणीय ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और शिक्षा के क्षेत्रों में हमारी साझेदारी हमारे संबंधित राष्ट्रीय लक्ष्यों को साकार करने में भी मदद कर सकती है।’’ समकालीन भू-राजनीति में खाड़ी क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए मंत्री ने कहा कि ‘‘संघर्ष और तनाव से ध्रुवीकृत विश्व में, हम वैश्विक शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
जयशंकर ने कहा, ‘‘इसी तरह, एआई, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित विकास की मांग मानव संसाधनों को साझा करने के महत्व को उजागर करती है। संघर्ष और तनाव कनेक्टिविटी पर सहयोग के महत्व को सामने लाते हैं। बहुध्रुवीयता की ओर बढ़ रही दुनिया में, हम एक-दूसरे की आकांक्षाओं का परस्पर समर्थन कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आइए हम इस मंच का इस्तेमाल अपने संबंधों को गहरा करने, सहयोग के नए रास्ते तलाशने और सहयोगात्मक भविष्य का निर्माण करने के लिए करें।’’