MEA: 'एक विकसित देश ने कोविड संकट के दौरान की टीके की जमाखोरी, हमने दूसरों की मदद की', जानिए क्या बोले जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूरीनाम में कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अब वित्त, तकनीक, संसाधनों व भूगोल तक का इस्तेमाल रणनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कोविड वैक्सीन की जमाखोरी को लेकर बड़ा दावा किया।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलते समीकरणों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में वित्त, संसाधनों, तकनीक, कनेक्टिविटी और भूगोल तक को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। सूरीनाम समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी शक्तियां अब बाजार, संसाधनों और प्रभाव का इस्तेमाल अपने रणनीतिक हितों को साधने के लिए कर रही हैं। विदेश मंत्री कैरेबियन के तीन देशों के चल रहे दौरे पर हैं, जो 2 से 10 मई तक चलेगा।
अब दुनिया पहले जैसी नहीं रही
जयशंकर ने कहा कि दुनिया अब पहले जैसी नहीं रही और वैश्विक शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी अमेरिका को ऊर्जा आयातक देश माना जाता था, लेकिन अब वह दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा निर्यातकों में शामिल हो गया है, जिसका वैश्विक नीतियों पर बड़ा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक ऐसे नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है और अनिश्चितता पहले से कहीं अधिक हो गई है।
बदली व्यवस्था में साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और सूरीनाम जैसे देश एक अधिक समावेशी और संतुलित वैश्विक व्यवस्था देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बदलती विश्व व्यवस्था में भरोसेमंद साझेदारी और वैश्विक सहयोग की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
कोविड वैक्सीन की जमाखोरी को लेकर जयशंकर का बड़ा दावा
कोविड महामारी का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि उस समय कई देशों ने वैक्सीन का जमाखोरी की थी। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि एक विकसित देश ने अपनी आबादी से आठ गुना ज्यादा वैक्सीन जमा कर ली थी। इसके विपरीत भारत ने वैश्विक जिम्मेदारी निभाते हुए बड़ी संख्या में देशों और अंतरराष्ट्रीय पहलों को वैक्सीन उपलब्ध कराई।
उन्होंने कहा कि एक अच्छे साझेदार की पहचान यही है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक कल्याण के बीच संतुलन बनाए। जयशंकर ने कहा कि भारत ने महामारी के दौरान यही दृष्टिकोण अपनाया और जरूरतमंद देशों की मदद के लिए आगे आया।
आईएमएफ अनुमान को लेकर क्या बोले?
एस जयशंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के अनुसार इस वर्ष वैश्विक आर्थिक वृद्धि में भारत का योगदान 17 प्रतिशत रहेगा। जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है और वैश्विक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है। IMF के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2026 में वास्तविक वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान सबसे अधिक रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में अमेरिका से भी आगे है। IMF के अनुसार, वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में अमेरिका का योगदान 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि भारत 17 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष योगदानकर्ताओं में शामिल है।
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