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बीमार है 'अंतरराष्ट्रीय आतंकी' मसूद अजहर, भाई संभाल रहा जैश-ए मोहम्मद की जिम्मेदारी
Tue, 10 Sep 2019 09:50 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 10 Sep 2019 09:50 AM IST
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आतंकी मसूद अजहर (फाइल फोटो)
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जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है जिसके कारण वह यात्रा करने में असमर्थ है और संगठन में सक्रिय रूप से भागीदारी नहीं कर पा रहा है। उसकी जगह उसके भाई अब्दुल रौफ असगर को आतंकी संगठन संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। यह जानकारी शीर्ष खुफिया स्रोतों ने बताई है। अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है। वह भारत में भी व्यक्तिगत आतंकी घोषित हो चुका है।
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खुफिया रिपोर्ट के अनुसार अजहर के गुर्दे खराब हो चुके हैं और वह ज्यादातर समय अपने क्वार्टर के अंदर ही रहता है। सूत्रों का कहना है कि वह वर्तमान मे पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश केंद्र में रहता है। खुफिया अधिकारी ने कहा, 'मसूद अजहर काफी बीमार है। वह जैश के रोजाना के कामकाज पर ध्यान नहीं दे सकता है। उसे बहावलपुर में जैश के ठिकाने पर उसकी खराब सेहत के कारण और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद उसकी सुरक्षा के मद्देनजर रखा गया है।'
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पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद फरवरी में भारतीय वायुसेना ने जैश के आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूत कर दिया था। जिसमें भारत पर हमला करने का प्रशिक्षण लेने वाले कई आतंकी मारे गए थे। एयर स्ट्राइक से पहले चुने हुए सक्रिय आतंकियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जैश ने बालाकोट कैंप में भेजा था। सूत्रों ने संकेत दिया कि अजहर कभी ऑपरेशन में शामिल नहीं रहा बल्कि जैश के लिए मुख्य प्रेरक है जो अपने उग्र उपदेशों के जरिए जिहादियों को प्रतिबद्ध फिदायीन में बदल देता है।
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अजहर के रिकॉर्ड किए गए उपदेश अब भी अपना काम कर रहे हैं। हमले की योजना बनाना और उन्हें संचालित करने का कार्य उसका भाई अब्दुल रौफ कर रहा है। वह आईसी-814 विमान हाईजैक का मुखिया रहा है। जिसमें अजहर की भारतीय जेल से रिहाई सुनिश्चित हुई थी। असगर शुक्रवार को उपदेश देता है। भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के एक अधिकारी ने कहा, 'असगर ऐसा शख्स है जिसपर हमें नजर रखनी होगी।'
अजहर की उम्र अभी केवल 35 साल है इसके बावजूद वह जैश का प्रमुख बन गया है। वह आतंकी साजिशें रचता है, संसाधनों को व्यवस्थित करता है और उनके निष्पादन की देखरेख करता है। वह व्यक्तिगत रूप से जैश प्रशिक्षण शिविरों का दौरा करता रहता है जिसमें वायुसेना की एयर स्ट्राइक करने से पहले बालाकोट का कैंप भी शामिल है। वह लड़कों को भारत के खिलाफ बरगलाने का काम करता है।