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Jai Ho ISRO: विदेशी जमीन पर बनाई मशहूर रेत कलाकार पटनायक ने भारत के चंद्रयान-3 की लघु मूर्ति, इसरो को दी बधाई

Wed, 23 Aug 2023 01:36 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 23 Aug 2023 01:36 PM IST
सार

सुदर्शन पटनायक ने बताया कि वह फिलहाल भारत में नहीं हैं। अमेरिका गए हुए हैं। ऐसे में उन्होंने सोचा कि भला वह देश में नहीं हैं तो क्या हुआ। भारत इतिहास रच रहा है, ऐसे में शुभकामनाएं तो देना बनता हैं। इसके लिए उन्होंने रेत की एक लघु मूर्ति बना डाली। 
 

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Jai Ho ISRO: Sand artist Pattnaik creates sand sculpture of India's moon mission
sudarshan - फोटो : Social Media

विस्तार

अंतरिक्ष जगत में भारत आज इतिहास रचने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मिशन चंद्रयान-3 आज शाम चंद्रमा की सतह पर ‘साफ्ट लैंडिंग’ करेगा। पूरी दुनिया इस पल का इंतजार कर रही है। ऐसे में, अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए अमेरिका के डेनवर, कोलोराडो में एक लघु रेत की मूर्ति बनाई है। 

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पहले भी बना चुके हैं कलाकृति

बता दें, सुदर्शन पटनायक अपनी रेत कला को लेकर देश-विदेश में काफी मशहूर है। इससे पहले उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर एक भारत, श्रेष्ठ भारत थीम पर कलाकृति तैयार की थी। उनकी इस कला को देखने के लिए देश-विदेशों से पर्यटक आते हैं। उन्हें अपनी कलाकृतियों के लिए पद्म श्री पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

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इस बार यह खास

सुदर्शन पटनायक की मूर्ति में भारतीय झंडे के साथ ही इसरो का लोगो और चंद्रयान को चांद के पास देखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने चंद्रयान की सफल लैंडिंग के लिए कामना की और मूर्ति पर लिखा ‘जय हो’। 

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सोशल मीडिया पर तस्वीर

पटनायक ने इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर भी शेयर की है, जिसमें लिखा है कि जय हो इसरो। साथ ही शुभकामनाएं भी दी हैं। उन्होंने आगे बताया कि अमेरिका के डेनवर, कोलोराडो में मैंने एक रेत की मूर्ति चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की कामना के लिए जय हो संदेश के साथ बनाई है। 
 

 

इतना लगा समय

उन्होंने बताया कि लघु मूर्ति को बनाने में करीब 45 मिनट का समय लगा। इसके साथ ही 45 किलोग्राम रेत का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जैसा कि मैं फिलहाल भारत में नहीं हूं। देश से बाहर आया हूं। ऐसे में मेरा फर्ज बनता है कि जब भारत इतिहास रचने वाला हो तो मैं उन्हें शुभकामनाएं दूं। 

इन्होंने किया सहयोग

इसके अलावा उनकी मूर्ति में उनका सहयोग करने वाली सोनाली आहूजा ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मैंने पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित कलाकार के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि पटनायक ने बहुत सुंदर मूर्ति बनाई है।हम सरकार को चंद्रयान-3 के लिए शुभकामनाएं देते हैं। 

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