कनाडा चुनाव: 24 सीटें जीतकर किंगमेकर बने भारतवंशी जगमीत सिंह
- 170 का जादुई आंकड़ा पाने के लिए त्रूदो को 13 सांसदों के समर्थन की जरूरत
- 32 सीटें जीतने वाली ब्लॉक क्यूबेकोइस सरकार में शामिल होने को तैयार नहीं
- 338 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स में विपक्षी कंजर्वेटिव को मिली 121 सीट
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कनाडा में हुए आम चुनाव में भारतीय मूल के कनाडाई जगमीत सिंह के नेतृत्व वाली न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) किंगमेकर बनकर उभरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो की लिबरल पार्टी को इस चुनावी मुकाबले में बहुमत नहीं मिल सका है। हालांकि सबसे अधिक सीट जीतने के साथ वह सत्ता की दावेदार है। इन चुनाव में एनडीपी को 24 सीट जबकि लिबरल पार्टी को 157 सीट मिली हैं। ऐसे में त्रूदो को 338 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स में लिबरल पार्टी के नेतृत्व वाली अल्पमत सरकार बनाने के लिए 170 के जादुई आंकड़ा पाने को वामपंथी झुकाव वाली विपक्षी पार्टियों से कम से कम 13 सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
इन चुनाव में विपक्षी कंजर्वेटिव को 121, ब्लॉक क्यूबेकोइस को 32, ग्रीन पार्टी को तीन और निर्दलीय को एक सीट मिली। ग्रीन पार्टी ने पहले ही विपक्ष में बैठने के संकेत दिए हैं। वहीं ब्लॉक क्यूबेकोइस नेता येव्स फांकोइस ब्लैंचेट ने भी सरकार में शामिल होने की इच्छा नहीं जताई। ऐसे में सभी की निगाहें एनडीपी पर टिकी हैं। टोरंटो स्टार अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, एनडीपी संसद में किंगमेकर की भूमिका निभाने को तैयार है।
50 फीसदी सीटों के नुकसान के बावजूद निभाएगी बड़ी भूमिका
जगमीत सिंह चुनाव में अपना अस्तित्व बचाने में कामयाब रहे लेकिन 2015 के मुकाबले इस बार वह केवल 50 फीसदी सीटें ही बचा पाए। सीटों की संख्या में गिरावट के बावजूद जगमीत सिंह ने मंगलवार को कहा, हमारी पार्टी कनाडाई लोगों की प्राथमिकताओं पर काम करने के लिए अब कड़ी मेहनत करेगी। प्रधानमंत्री पद के दावेदार रहे जगमीत सिंह ने कहा कि वह चाहते हैं कि एनडीपी नई संसद में रचनात्मक भूमिका निभाए। कनाडा में संघीय राजनीतिक दल के पहले अश्वेत नेता ने 47 साल के त्रूदो की जीत पर उन्हें बधाई दी और कहा कि उन्होंने उनसे बात की है।
2011 में शुरू हुआ करियर
जगमीत सिंह का राजनीतिक करियर 2011 से शुरू हुआ। वह अपना पहला चुनाव हार गए थे। 2015 मे उन्हें एनडीपी का उपाध्यक्ष चुना गया। 2017 में उन्होंने पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए चुनाव लड़ा। वह चार उम्मीदवारों के बीच 53.8 फीसदी वोट पाकर एकतरफा जीते थे।