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Hindi News ›   World ›   Israel’s Public Diplomacy minister Galit Distel Atbaryan quits amid Israel-Hamas war

Israel: हमास के हमले के बीच सार्वजनिक कूटनीति मंत्री ने दिया इस्तीफा, सार्वजनिक धन की बर्बादी का दिया हवाला

Fri, 13 Oct 2023 02:09 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 13 Oct 2023 02:09 PM IST
सार

दिस्तेल ने सरकार द्वारा उनकी शक्तियों को दरकिनार करने का हवाला देते हुए पद छोड़ने की घोषणा की। बता दें, उनका यह निर्णय इस्राइली सरकार द्वारा प्रवासी मामलों के मंत्रालय को सार्वजनिक कूटनीति प्रयासों की निगरानी करने का अधिकार देने के बाद आया है।
 

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Israel’s Public Diplomacy minister Galit Distel Atbaryan quits amid Israel-Hamas war
ublic Diplomacy Minister Galit Distel Atbaryan - फोटो : social media

विस्तार

इस्राइल पर हमास द्वारा किए हमले के बाद तनाव बढ़ता जा रहा है। अभी तक, 2800 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच, इस्राइल की सार्वजनिक कूटनीति मंत्री गालित दिस्तेल एटबरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 

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दिस्तेल ने गुरुवार शाम को वर्तमान सरकार द्वारा उनकी शक्तियों को दरकिनार करने का हवाला देते हुए पद छोड़ने की घोषणा की। बता दें, उनका यह निर्णय इस सप्ताह की शुरुआत में इस्राइली सरकार द्वारा प्रवासी मामलों के मंत्रालय को विदेश मंत्रालय के साथ-साथ इस्राइल के अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक कूटनीति प्रयासों की निगरानी करने का अधिकार देने के बाद आया है।

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गालित दिस्तेल का कहना है कि इस कदम से मंत्रालय चलाना मुश्किल हो गया है। साथ ही उन्होंने इसे सार्वजनिक धन की बर्बादी भी बताया। 

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एटबरियन ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने इस समय देश के हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘युद्ध के ऐसे भयानक समय में अहंकार को एक तरफ रखें, इस्राइल की भलाई हर चीज से पहले आती है।’

एटबरियन का कहना है कि उनके मंत्रालय से उसका अधिकार छीन लिया गया है और इसलिए वह देश के लिए सार्थक योगदान नहीं दे सकती।

सार्वजनिक कूटनीति मंत्रालय ने वर्ष की शुरुआत में अपने गठन के बाद से ही खुद को स्थापित करने के लिए संघर्ष किया था। इसे पत्रकारों और पर्यवेक्षकों से लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा। इसकी प्रासंगिकता और ठोस प्रभाव की कमी पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

 

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