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जलवायु परिवर्तन: इस्राइल की कंपनी का कारनामा, गुब्बारों की मदद से खत्म करेगी वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाईऑक्साइड

Sat, 06 Nov 2021 04:58 PM IST
सुभाष कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: सुभाष कुमार Updated Sat, 06 Nov 2021 04:58 PM IST
सार

इस्राइल की एक स्टार्टअप कंपनी हाई होप ने एक नई तकनीक इजाद की है, इसमें गुब्बारों के माध्यम से कार्बन डाईऑक्साइड का निपटारा किया जाएगा। जब कार्बन डाईऑक्साइड वायुमंडल के बाह्यमंंडल पहुंच कर गैस से ठोस रूप में बदल जाएगा, उस वक्त ये गुब्बारें इसे सोखने का काम करेंगे। 

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Israel's company will eliminate carbon dioxide present in the atmosphere with the help of balloons
इस्राइल की स्टार्टअप कंपनी गुब्बारों को बाह्य वायुमंडल में भेजेगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए दुनियाभर में कोशिशेंं तेज हो रही है। हाल ही में ग्लासगो में कोप26 की बैठक हुई, इसमें सभी देशों ने जलवायु परिवर्तन के संकट के खिलाफ अलग-अलग घोषणाएं की। हाल ही में एक अनोखी कोशिश इस्राइल की एक स्टार्टअप कंपनी ने भी की है। कंपनी ने पृथ्वी के बाह्य वायुमंडल की कार्यप्रणाली से प्रेरणा लेते हुए नई तकनीक तैयार की है। इस तकनीक के माध्यम से कंपनी गुब्बारों को बाह्य वायुमंडल में भेजकर कार्बन डाईऑक्साइड को रीसायकल करने के लिए वापस धरती पर लाएगी। ये गुब्बारे ऊंचाई पर जाकर कार्बन डाईऑक्साइड को सोखने का काम करेंगे।

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गुब्बारों के माध्यम से होगा कार्बन डाईऑक्साइड का निपटारा 
कार्बन डाईऑक्साइड मुख्य रूप से गाड़ियों और फैक्ट्रियों में ईंधन यानी पेट्रोलियम, कोयला आदि के प्रयोग से निकलता है। जलवायु परिवर्तन के लिए भी मुख्य रूप से इसी गैस को जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन कार्बन डाईऑक्साइड का वायुमंडल के सामान्य तापमान पर निपटारा करना सरकार और कंपनियों के लिए काफी खर्चीला होता है। 
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इस्राइल की एक स्टार्टअप कंपनी हाई होप ने एक नई तकनीक इजाद की है, इसमें गुब्बारों के माध्यम से कार्बन डाईऑक्साई़ड का निपटारा किया जाएगा। जब कार्बन डाईऑक्साइड वायुमंडल के बाह्यमंंडल पहुंच कर गैस से ठोस रूप में बदल जाएगा, उस वक्त ये गुब्बारें इसे सोखने का काम करेंगे। 
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कंपनी के सीईओ नादव मैन्सडॉर्फ ने बताया ''रीसायकल के लिए गैस को ठोस रूप में पकड़ना ज्यादा आसान साबित होगा। कार्बन डाईऑक्साइड गैस -80 डिग्री के तापमान पर ठोस में परिवर्तित होना शुरू हो जाती है और कार्बन के साथ इस स्तर का तापमान हम केवल एक ही जगह खोज सकते हैं- हमारे सिर के 15 किमी ऊपर''। 


100 डॉलर से भी कम आएगा खर्च
कंपनी ने इस तकनीक को अभी छोटे स्तर पर टेस्ट किया है। मैन्सडॉर्फ के अनुसार कंपनी ने एक गुब्बारे के नीचे कार्बन डाईऑक्साइड को सोखने वाली एक मशीन लगाकर इसे हवा में छोड़ा। मशीन ने ठोस रूप में आ चुके कार्बन को सोख लिया और इसे रिसाइकलिंग के लिए वापस धरती पर ले आया। मैन्सडॉर्फ ने बताया कि उनकी कंपनी आने वाले दो सालों में और बड़े गुब्बारों का निर्माण करेगी, इससे एक दिन में लगभग एक टन कार्बन को नीचे लाया जाएगा। इसमें 100 डॉलर से भी कम का खर्चा आएगा, जो कि अभी किए जा रहे खर्च से काफी कम होगा।

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