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इस्राइल: मतगणना के बीच बहुमत से दूर नेतन्याहू, किंगमेकर हो सकते हैं बेनेट
Thu, 25 Mar 2021 12:55 AM IST
देव कश्यप
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, येरुशलम
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, येरुशलम
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:55 AM IST
सार
- पुराने दक्षिणपंथी साथी से हाथ मिलाने पर भी बहुमत से दो सीट दूर रहेगा लिकुड गठबंधन।
- 90 फीसदी मतों की गिनती के बाद भी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
इस्राइल में पिछले दो साल के भीतर राजनीतिक अस्थिरता के चलते चौथी बार हुए चुनाव में भी गतिरोध दिखाई दे रहा है। यहां बुधवार को 90 फीसदी मतों की गिनती के बाद भी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इसके चलते पांचवें चुनाव की आशंका बढ़ गई है। कई कोशिशों के बाद भी नेतन्याहू का गठबंधन 59 सीटें ले सकेगा, जो बहुमत से दो कम हैं।
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इस बार हुए चुनाव में 71 वर्षीय प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 30 सीटों के साथ देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उनके दक्षिणपंथी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 120 सदस्यीय संसद में 61 सदस्यों का जरूरी बहुमत प्राप्त होता नहीं दिख रहा है। यदि नेतन्याहू का गठबंधन यामीना पार्टी से हाथ मिला ले तब भी वह बहुमत से दो सीट दूर रहेगा।
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इससे पहले मंगलवार को मतदान खत्म होने के तुरंत बाद जारी एग्जिट पोल में भी संकेत मिले थे कि नेतन्याहू सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं जुटा पाएंगे। बुधवार को हुई मतगणना में राजनीतिक समीकरण उस वक्त और गंभीर हो गए जब इस्लामी संयुक्त अरब पार्टी (यूएएल) ने भी कुछ वोट हासिल किए। इससे नेतन्याहू कमजोर हो गए। हालांकि मतगणना शुरू होने के बाद नेतन्याहू ने बड़ी जीत का दावा जरूर किया लेकिन वे इसकी घोषणा नहीं कर पाए।
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चुनावों से थके मतदाता
पिछले मार्च में हुए चुनाव में जहां कुल मतदान 71.5 फीसदी हुआ, वहीं इस बार यह 4.3 फीसदी गिरावट के साथ 67.2 प्रतिशत पर सिमट गया। मतदाताओं का यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों में चार बार हुए चुनाव में सबसे कम दर्ज हुआ है। इस बार अरब समुदाय के मतदाताओं के अलावा यहूदी मतदाता भी कम मात्रा में ही वोट देने घर से बाहर निकले। विश्लेषकों का मानना है कि लोग चुनावों से थक चुके हैं।
पांचवीं बार चुनाव रोकने की अपील
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मतगणना में स्पष्ट बहुमत से पीछे हटने के हालात देखते हुए अपने विरोधियों तक पहुंच बनाने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने एक स्थिर सरकार के गठन का आह्वान किया ताकि एक और चुनाव से बचा जा सके। उन्होंने कहा, पांचवीं बार चुनाव रोकने के लिए अब स्थिर सरकार की कोशिशें जरूरी हैं।
किंगमेकर हो सकते हैं बेनेट
किसी समय प्रधानमंत्री नेतन्याहू के करीबी और उत्तराधिकारी माने जाने वाले देश के रक्षामंत्री रहे नफ्फली बेनेट बाद में उनके विरोधी हो गए। इस बार के चुनाव में यामीना पार्टी के नेता बेनेट किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं। लेकिन उनसे हाथ मिलाने पर भी नेतन्याहू गठबंधन के पास सिर्फ 59 सीटें होंगी जो बहुमत से दो सीट कम हैं। इस बीच यूएएल के नेता मंसूर अब्बास से कहा कि वे किसी से गठबंधन नहीं करेंगे।