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खात्मे का डर: आतंकी हमले कर खुद को फिर मजबूत करने में जुटा इस्लामिक स्टेट, 10 हजार लड़ाके अब भी सक्रिय

Fri, 03 Jan 2025 05:13 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला रिसर्च डेस्क
अमर उजाला रिसर्च डेस्क Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 03 Jan 2025 05:13 AM IST
सार

इस्लामिक स्टेट का दुश्मन अमेरिका और पश्चिमी ताकतें हैं। कई साल साल पहले अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के द्वारा बड़े पैमाने पर कुचल दिए जाने के बावजूद आईएस खुद को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि उसने हाल के दिनों में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है।

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Islamic State is busy strengthening itself by carrying out terrorist attacks, 10 thousand fighters are still a
इस्लामिक स्टेट। - फोटो : pti

विस्तार

अमेरिका के न्यू ऑर्लिन्स में एक व्यक्ति ने नए साल की सुबह जानबूझकर भीड़ वाले इलाके में ट्रक दौड़ा दिया, जिसमें कुचलकर 15 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए। बाद में पता चला कि भीड़ पर जिस ट्रक को दौड़ाया गया उस पर आईएस (इस्लामिक स्टेट) का झंडा था और उसका चालक भी आईएस का आतंकी 42 वर्षीय शम्सुद्दीन जब्बार था। अलकायदा से भी हिंसक और चरमपंथी माने जाने वाले व सीरिया और इराक में आतंक फैलाने वाले कट्टरपंथी संगठन आईएस की ताकत लगातार घट रही है, फिर भी वह दुनिया भर में सफलतापूर्वक आतंकी हमलों को अंजाम दे रहा है।  

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हालिया हमले दोबारा से जड़ें जमाने की कोशिश
इस्लामिक स्टेट का दुश्मन अमेरिका और पश्चिमी ताकतें हैं। कई साल साल पहले अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के द्वारा बड़े पैमाने पर कुचल दिए जाने के बावजूद आईएस खुद को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि उसने हाल के दिनों में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है। बुधवार को आईएस ने सोमालिया के उत्तरपूर्वी क्षेत्र पुंटलैंड में एक सैन्य अड्डे पर एक दिन पहले हुए हमले की भी जिम्मेदारी ली है। युगांडा में आईएस से जुड़े विद्रोही समूह एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एडीएफ) ने कई हिंसक हमले किए हैं। इनमें एक स्कूल में नरसंहार, एक नए शादीशुदा जोड़े की हत्या और एक गांव पर हमला शामिल है।

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अलकायदा से प्रेरित होकर हुई स्थापना
अल-कायदा और तालिबान दोनों अस्सी के दशक के अंत में सोवियत संघ के हमले के विरोध में बने थे। अल-कायदा से जुड़े व इसकी विचारधारा से प्रेरित होकर अबू बक्र अल बगदादी ने सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान अप्रैल 2013 में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआई) की थी स्थापना की थी। 2014-2017 के दौरान आईएस बेहद शक्तिशाली था। इसी दौरान आईएस ने सीरिया और इराक के एक बड़े क्षेत्र पर अपना दबदबा कायम किया। उस वक्त आईएस के सर्वेसर्वा रहे बगदादी ने खुद को सभी मुसलमानों का खलीफा होने का एलान तक कर दिया। हालांकि, 2019 में उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिकी विशेष बलों ने उसे मार गिराया। सीरिया में भी आईएस का दबदबा लगभग खत्म हो गया। अब अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी नामक आतंकी इसका नेतृत्व कर रहा है।

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अफ्रीका में विस्तार की बनी है रणनीति
एक दौर में आईएस की उत्तर पूर्वी सीरिया से लेकर उत्तरी इराक तक एक बड़े इलाके में तूती बोलती थी। बीबीसी के मुताबिक 2022 के 1811 हमलों के मुकाबले आईएस 2023 में 838 हमलों को ही अंजाम दे सका जबकि 2017 के मुकाबले सीरिया और इराक के 95 फीसदी इलाके इसके हाथ से निकल गए। अमेरिका और कुर्दिश चरमपंथियों के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने 2019 में सीरिया में आईएस के आखिरी गढ़ बागुज गांव पर भी कब्जा कर लिया। अब आईएस अफ्रीका में अपने विस्तार पर फोकस कर रहा है। इसके बावजूद आईएस के पास अब भी दुनिया के सभी आतंकी संगठनों में सर्वाधिक लगभग 2 अरब डॉलर का बजट है।

ये हैं आईएस के हालिया हमले
समूह ने टेलीग्राम चैनल पर अपने बयान में कहा है कि उसके 12 लड़ाकों ने पुंटलैंड में धमाकों को अंजाम दिया, जिसमें 22 सैनिकों की मौत हुई थी। मार्च 2024 में आईएस के एक रूसी कॉन्सर्ट हॉल पर किए हमले में 143 लोग मारे गए और जनवरी में ईरानी शहर केरमान में हुए दो विस्फोटों में लगभग 100 लोग मारे गए थे। बीते साल साल ओमान में एक मस्जिद पर आत्मघाती हमले में नौ लोग मारे गए थे। मध्य पूर्व में अपने अभियानों के अलावा, इस्लामिक स्टेट ने पश्चिम में लोन वुल्फ हमलों (सार्वजनिक तौर पर एक शख्स का कईयों को मार डालना ) को भी अंजाम दिया है। वहीं, आईएस के सहयोगी पश्चिम अफ्रीका और साहेल क्षेत्र में सक्रिय हैं और माली, नाइजर और उत्तरी बुर्किना फासो के ग्रामीण इलाकों पर उनका नियंत्रण है।

दूरदराज में छिपकर रह रहे आतंकी
अब आईएस एक केंद्रीय सरकार की तरह काम नहीं करता बल्कि इसके आतंकी सीरिया और इराक के दूरदराज के इलाकों में छिपे हुए हैं। आईएस लड़ाके अब छोटे व गुप्त समूहों में काम करते हैं और उनकी कुल संख्या भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि इनकी संख्या लगभग 10,000 है। आईएस अब स्लीपर सेल्स का इस्तेमाल कर अचानक हमले करता है। कई विदेशी लड़ाके इराक छोड़कर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान की सीमा के पास सक्रिय आईएस की अफगान शाखा, आईएसआईएस-के में शामिल हो गए हैं। कई हारों और रक्का (सीरिया) और मोसुल (इराक) जैसे अपने गढ़ों को खोने के बाद अब इस्लामिक स्टेट की युवा इकाई का नेतृत्व 29 साल का सनाउल्लाह गफारी कर रहा है।

2022 से अब तक मारे गए 13 बड़े नेता
अमेरिकी राष्ट्रीय आतंकवाद केंद्र का कहना है कि आईएस और अलकायदा से खतरा अपने निम्नतम स्तर पर है, क्योंकि उनके सबसे खतरनाक सदस्यों को कमजोर कर दिया गया है। हालांकि, अफ्रीका में आईएस की आधी शाखाएं अभी भी सक्रिय हैं और उनके और विस्तार करने की संभावना है। आईएस ने 2022 से अब तक इराक और सीरिया में अपने तीन शीर्ष नेताओं और 13 बड़े और प्रभावशाली सदस्यों को खो दिया है।  
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