परमाणु समझौते पर अपनी प्रतिबद्धताएं कम करने को कदम उठाएगा ईरान, विदेश मंत्री ने बढ़ाया दबाव
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ईरान ने एक बार फिर कहा है कि वह 2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने के लिए आगे और कदम उठाएगा। समझौते में शामिल यूरेनियम संवर्द्धन की शर्तों से अलग जाकर ईरान ने इसे बढ़ाने का फैसला लेने के बाद अब अमेरिका समेत पश्चिमी देशों पर दबाव बढ़ाने के लिए डील की दूसरी शर्तों पर भी ऐसा ही कदम उठाने की बात कही है।
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार एटमी डील-2015 पर अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने के लिए तीसरा कदम मौजूदा परिस्थितियों में समझौते के ढांचे के तहत उठाएगी। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईसीएएनए ने ने विदेश मंत्री जरीफ के हवाले से कहा कि यदि इस समझौते का अनुपालन दूसरे देशों द्वारा नहीं किया जाता है तो ईरान भी इसे आधे अधूरे तरीके से ही लागू करेगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी कार्रवाई समझौते के ढांचे के तहत ही होगी। बता दें कि पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ हुए परमाणु करार से अमेरिका के हटने का एलान करते हुए उस पर कई सख्त प्रतिबंध थोप दिए थे। ईरान ने 2015 में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, चीन और जर्मनी से परमाणु करार किया था। लेकिन ट्रंप की घोषणा के बाद ईरान-अमेरिकी रिश्तों में दरार आ गई।
खाड़ी में तैनात हैं अमेरिकी बमवर्षक
अमेरिका ने हाल के महीनों में कई तेल टैंकरों पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने एक अमेरिकी जासूसी ड्रोन मार गिराने का दावा भी किया था। इधर, ईरान ने परमाणु करार का उल्लंघन करते हुए यूरेनियम संवर्द्धन भी तेज कर दिया है। इन हालातों के बीच ईरान की ओर से संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में विमानवाहक पोत और बमवर्षक विमान भी तैनात कर रखे हैं।
ट्रंप ने ईरानी विदेश मंत्री को व्हाइट हाउस में किया था आमंत्रित!
वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ को पिछले महीने व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया था। न्यू यॉर्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की मंजूरी से सीनेटर रैंड पॉल ने यह आमंत्रण दिया था लेकिन इसे अब रद्द कर दिया गया है। वहीं ईरानी मंत्री का इस पर कहना था कि इसे मंजूर करने या नहीं करने का निर्णय तेहरान को करना है।
हालांकि इस पर व्हाइट हाउस या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं जरीफ का कहना है कि वह मात्र फोटो खिंचवाने और इसके बाद दो पेज का बयान जारी करने के लिए व्हाइट हाउस में बैठक नहीं करना चाहते। तेहरान को क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी हितों को बड़ा खतरा बताने वाले ट्रंप कई बार सार्वजनिक तौर पर ईरान से बातचीत की इच्छा जता चुके हैं।