{"_id":"5d3d83158ebc3e6c914ab7cd","slug":"iran-will-meet-members-of-nuclear-deal-after-america-step-back","type":"story","status":"publish","title_hn":"परमाणु करार के सदस्यों से मिलेगा ईरान, अमेरिका के हटने के बाद समझौता बचाने की चुनौती","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
परमाणु करार के सदस्यों से मिलेगा ईरान, अमेरिका के हटने के बाद समझौता बचाने की चुनौती
Sun, 28 Jul 2019 04:42 PM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 28 Jul 2019 04:42 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईरान के साथ परमाणु सौदे पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्य देश रविवार को विएना में मिलेंगे और अमेरिका के इस करार से अलग होने के बाद इस समझौते को बचाए रखने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। यह बैठक ईरान और अमेरिका में बढ़ते तनाव के बीच हो रही है। ब्रिटेन, जर्मनी, चीन, रूस और ईरान के दूत बैठक में हिस्सा लेंगे। इससे करीब एक महीने पहले भी ऐसी ही बैठक हुई थी लेकिन उसमें गतिरोध दूर नहीं हो सका था।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले साल इस ऐतिहासिक करार से अलग होने और ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इस करार का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाना था।
विज्ञापन
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने मई में कहा था कि वह करार में उसके परमाणु कार्यक्रमों के लिए तय की गई कुछ सीमाओं का उल्लंघन करेगा और कहा था कि अगर करार में शामिल अन्य देश, खासकर यूरोपीय राष्ट्र अमेरिकी प्रतिबंधों से निपटने में उसकी मदद नहीं करते हैं तो वह दूसरे उपाय करेगा। टैंकर और ड्रोन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं के कारण क्षेत्र में दबाव काफी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
अमेरिका ने कहा था कि उसने पिछले हफ्ते एक, और संभवत: दो ईरानी ड्रोनों को मार गिराया है और रणनीतिक खाड़ी समुद्री क्षेत्र में टैंकरों और जहाजों पर हो रहे रहस्यमयी हमलों के लिए तेहरान पर आरोप लगाया था। ईरान ने जून में एक मानवरहित अमेरिकी विमान को मार गिराया था जिसके बाद ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने आखिरी मिनटों में एक जवाबी कार्रवाई को रोक दिया क्योंकि इससे होने वाली जनहानि बहुत ज्यादा होती।