ईरान: जनरल सुलेमानी की मौत से तनाव बढ़ने की आशंका, रूस ने बताया दुस्साहसिक कदम
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ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई ने सुलेमानी को शहीद करार देते हुए ट्विटर पर कहा, यह शहादत उन्हें इन तमाम वर्षों के दौरान किये गए उनके अथक प्रयासों के ईनाम के तौर पर मिली है। उन्होंने तीन दिन के शोक की भी घोषणा की।
ट्रंप के करीबी और सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इसे अमेरिकियों के कत्ल का अंजाम करार दिया। उन्होंने लिखा, वाह- अमेरिकियों को मारने और घायल करने की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।
सुलेमानी की हत्या को रूस ने बताया अमेरिका का दुस्साहिक कदम
रूस की समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती और तास ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा , "सुलेमानी की हत्या... एक दुस्साहिक कदम है , लेकिन इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।"
रूसी विदेश मंत्री के हवाले से कहा गया:
"सुलेमानी को वफादारी से ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की कीमत चुकानी पड़ी। हम ईरानी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।"
हिंसा बढ़ने की आशंका
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नेन्सी पेलोसी ने कहा, "सुलेमानी की हत्या से हिंसा के खतरनाक स्तर तक बढ़ जाने का खतरा पैदा हो गया है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ही पूरी दुनिया तनाव को नहीं झेल सकती। अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आग में घी डालने का काम किया है।"
भारत ने कहा, बढ़ते तनाव ने दुनिया को चौकन्ना किया
अमेरिकी हमले में ईरान के एक शीर्ष कमांडर के मारे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत ने शुक्रवार को कहा कि तनाव में वृद्धि ने विश्व को चौकन्ना कर दिया है। इसके साथ ही भारत ने जोर दिया कि उसके लिए क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने लगातार संयम पर जोर दिया है और यह महत्वपूर्ण है कि स्थिति और खराब नहीं हो।
इससे पहले पेंटागन ने घोषणा की थी कि शुक्रवार को इराक में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के शक्तिशाली कमांडर जनरल कासेम सुलेमानी की मौत हो गई।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘तनाव में वृद्धि ने दुनिया को चौंकन्ना बना दिया है। इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।’ मंत्रालय ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि स्थिति और अधिक नहीं बिगड़े। भारत ने लगातार संयम की वकालत की है और ऐसा करना जारी रखेगा।
चीन ने किया अमेरिकी कार्रवाई का विरोध
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन ईरान का अहम साझेदार और उससे तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में से एक है।चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, "चीन हमेशा से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बलों के प्रयोग का विरोध करता रहा है।" उन्होंने कहा, "हम संबंधित पक्षों, विशेष रूप से अमेरिका से आग्रह करते हैं कि तनाव से बचने के लिए शांति और संयम बरते।"
इराक ने जताई युद्ध भड़कने की आशंका
इराक के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अब्देल मेहदी ने कहा कि अमेरिकी हमला एक "आक्रमण" है जिससे विनाशकारी युद्ध भड़क सकता है। इन हमलों में एक इराकी कमांडर की भी मौत हुई है।
फ्रांस क्षेत्र के अहम देशों से करेगा बात
फ्रांस की यूरोपीय मामलों की मंत्री एमेली डि मोंटकैलिन ने फ्रेंच रेडियो से कहा, "सुबह उठते ही हमें बेहद खतरनाक खबर मिली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों जल्द ही इस क्षेत्र के अहम देशों से बात करेंगे।
सीरिया ने बताया कायरतापूर्ण कदम
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा, "सीरिया को आशंका है कि अमेरिका का यह कायरतापूर्ण आक्रमण...इन शहीद नेताओं के मार्ग पर चलने के इरादों को पुख्ता करेगा।" वहीं सीरियाई सरकार ने अमेरिका पर मध्यपूर्व में संघर्ष भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बगदाद में प्रदर्शनकारियों ने कासिम सुलेमानी की मौत का मनाया जश्न
वहीं इराक में ईरान के प्रभाव को रोकने के लिये कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बगदाद के मशहूर तहरीर चौक पर कासिम सुलेमानी की मौत का जश्न मनाया।इस बीच, लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्ला समूह ने सुलेमानी की मौत का बदला लेने की बात कही है।