{"_id":"66b93b03567e397d12087346","slug":"iran-reduces-jail-terms-of-2-women-journalists-who-covered-mahsa-amini-s-death-2024-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Iran: महसा अमिनी की मौत को कवर करने वाली महिला पत्रकारों की सजा कम हुई, US को सहयोग करने के मामले में बरी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Iran: महसा अमिनी की मौत को कवर करने वाली महिला पत्रकारों की सजा कम हुई, US को सहयोग करने के मामले में बरी
Mon, 12 Aug 2024 03:58 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Aug 2024 03:58 AM IST
सार
ईरान ने प्रदार्शन के दौरान महसा अमिनी की मौत को कवर करने वाली दो महिला पत्रकारों की सजा को कम कर दिया है। अमेरिका के साथ सहयोग करने के मामले में अदालत ने दोनों को बरी कर दिया है।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान महसा अमिनी की फोटो लिए लोग
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईरानी अदालतों ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सहयोग करने के आरोप में दो महिला पत्रकारों की जेल की सजा कम कर दी है। महिलाओं के वकीलों ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह जानकारी दी।
विज्ञापन
37 वर्षीय इलाहे मोहम्मदी और 31 वर्षीय निलोफर हामेदी सितंबर 2022 में महसा अमिनी की हिरासत में हुई मौत का कवरेज किया था। जिसके कारण देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। इसके बाद दोनों तेहरान की एविन जेल में एक साल तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर हैं।
विज्ञापन
जनवरी में दोनों महिलाओं के रिहा होने पर ईरान की न्यायपालिका ने अनिवार्य हिजाब के बिना तस्वीरें खिंचवाने के कारण उनके खिलाफ नई कार्यवाही शुरू की थी। स्थानीय मीडिया के मुताबिक फिलहाल तेहरान में दो अलग-अलग अपील अदालतों ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सहयोग के आरोप से महिलाओं को बरी करने का फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
छह और सात साल की मिली थी सजा
इसके पहले न्यायपालिका ने मोहम्मदी को छह साल जेल की जबकि हमीदी को सात साल की सजा सुनाई थी। दोनों को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ मिलीभगत और साजिश रचने के लिए पांच साल की सजा जबकि इस्लामी गणतंत्र के खिलाफ प्रचार के लिए एक साल की सजा दी गई थी।
वकीलों ने कहा कि बाकी मामलों में अदालत ने सजा को बरकरार रखा है। वकीलों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई द्वारा पिछले साल घोषित माफी के तहत पत्रकारों को अब रिहा कर दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रही थी इस युवा महिला की मौत
गौरतलब है कि महसा अमिनी की मौत केवल 22 साल की आयु में हुई थी। पुलिस हिरासत में मौत के कारण ईरान के सुरक्षाबलों को दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों ने कठघरे में खड़ा किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महसा अमिनी की मौत हिजाब विवाद के दौरान हुई थी। ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच महसा अमिनी की मौत ने संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया था।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन