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Hindi News ›   World ›   Iran High Commission building again burnt after PM resignation in Iraq

इराक में पीएम के इस्तीफे के बाद फिर फूंकी ईरानी वाणिज्य दूतावास की इमारत

Tue, 03 Dec 2019 04:12 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 03 Dec 2019 04:12 AM IST
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Iran High Commission building again burnt after PM resignation in Iraq
इराक में विरोध प्रदर्शन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्देल माहदी के इस्तीफा देने पर भी देश में राजनीतिक संकट खत्म नहीं हुआ है। इराकी संसद द्वारा बिना मतदान पीएम का इस्तीफा मंजूर करने के बाद इस पर संशय जारी है कि उनकी जगह कौन लेगा। उधर, सरकार विरोधी प्रदर्शन अब भी जारी हैं। प्रदर्शनकारियों ने सप्ताह में दूसरी बार इराक के दक्षिणी शहर नजफ में ईरान उच्चायोग की इमारत में आग लगा दी।

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इससे पहले पिछले बुधवार को भी प्रदर्शनकारियों ने नजफ स्थित ईरान उच्चायोग की इमारत में आग लगा दी थी जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके बाद ईरान के नाराजगी जताने के बाद इराक के विदेश मंत्री मोहम्मद अल्हकीम ने अपने ईरानी समकक्ष मोहम्मद जावेद जरीफ से माफी की पेशकश की।
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लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी गुस्साए हुए हैं। इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शनकारी राजधानी में पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी मारा गया। प्रदर्शनकारियों ने बंदरगाह की तरफ जाने वाले सभी रास्ते जाम कर दिए हैं। देश के शिया बहुल इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों को लेकर शीर्ष शिया धर्मगुरु आयातुल्ला अली अल-सिस्तानी पहले ही नई सरकार के गठन की मांग कर चुके हैं।

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नाराजगी का कारण

इराक में गत अक्तूबर से ही ये प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी देश में आर्थिक सुधार लाने, भ्रष्टाचार खत्म करने और रोजगार के अवसर पैदा करने जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण अब तक यहां 400 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं।

सियासी संकट पर चिंता

चार सांसदों ने बताया कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि संसद ने माहदी का इस्तीफा बिना किसी मतदान के ही मंजूर कर लिया। एक सांसद सरक्वत शम्सिद्दीन ने कहा कि सांसदों ने देश की सर्वोच्च अदालत की कानूनी राय पर काम किया, क्योंकि मौजूदा कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट नहीं  है। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने संभावित राजनीतिक संकट को लेकर चिंता जाहिर की है।

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