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ईरान : सुरक्षा अधिकारी को घायल करने पर व्यक्ति को फांसी पर लटकाया, विरोध प्रदर्शन के दौरान किया था हमला

Thu, 08 Dec 2022 06:34 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 08 Dec 2022 06:34 PM IST
सार

जिस व्यक्ति को फांसी पर लटकाया गया है, उसकी पहचान मोहसिन शेखरी के रूप में हुई है। उसे राजधानी तेहरान में एक सड़क को अवरुद्ध करने के दौरान सुरक्षा अधिकारी को चोट पहुंचाने का दोषी पाया गया था।

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Iran conducts first known execution over nationwide protests sparked by Amini's death
फांसी - फोटो : social media

विस्तार

ईरान में हिजाब विवाद के चलते हिंसक प्रदर्शनों के सिलसिले में एक कैदी मोहसिन शेखरी को फांसी दे दी गई है। तेहरान ने कहा, उसने प्रदर्शनों के दौरान ऐसे मामलों में पहली मौत की सजा दी है। ईरान की मिजान समाचार एजेंसी ने गिरफ्तार आरोपी को फांसी की जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ तेहरान में एक सड़क को रोकने और सुरक्षा बल के एक जवान पर हमला करने का आरोप सिद्ध हुआ था। 

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ईरान 16 सितंबर को हिजाब नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार की गई 22 वर्षीय युवती महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद से ही विरोध-प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। प्रदर्शनों में देश की नैतिकता पुलिस के खिलाफ जबरदस्त जनाक्रोश देखा जा रहा है जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के लोकतंत्र के लिए सबसे गंभीर चुनौती साबित हो रहा है। उधर कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तक कम से कम दर्जन भर लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने पर मौत की सजा मिली है।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल ईरान में 500 से ज्यादा लोगों को विभिन्न अपराधों में मृत्युदंड दिया जा चुका है। ओस्लो स्थित एक्टिविस्ट ग्रुप ईरान ह्यूमन राइट्स के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दाम ने कहा है कि ईरान द्वारा तेजी से दी जा रहे मृत्युदंड पर वैश्विक एजेंसियों को आगे आना चाहिए, क्योंकि यहां किसी भी ट्रायल पर आरोपी को अपना वकील चुनने या आरोपों के खिलाफ सुबूत तक दिखाने की अनुमति नहीं दी जाती है। बता दें, देश में 16 सितंबर से चले इन प्रदर्शनों में अब तक 18,000 से ज्यादा हिरासत में लिए गए हैं।
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भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का दोषी ठहराया
मोहसिन शेखरी को तेहरान की क्रांतिकारी अदालत में दोषी ठहराया गया। कोर्ट के बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान उस पर विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बल पर हमला करने और एक सैनिक की हत्या करने का आरोप था। शेखरी पर सड़क बाधित करने का भी आरोप था। उसे 25 सितंबर को गिरफ्तार किया और 20 नवंबर को उसे ''मुहारेबेह'' का दोषी ठहराया। फारसी में इस शब्द का अर्थ है भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना।
 

यूएन-अमेरिका ने अफगानिस्तान में सार्वजनिक फांसी की निंदा की

अफगानिस्तान में बुधवार को तालिबान द्वारा हेरात प्रांत के ताजमीर नामक शख्स को दी गई सार्वजनिक सजा-ए-मौत को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने आलोचना की है। उधर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी कट्टरपंथी इस्लामी समूह द्वारा सार्वजनिक कोड़े मारने और मौत की सजा पर तालिबान की खिंचाई की है। यूएन के मानवाधिकार कार्यालय ने कहा, पश्चिमी फराह प्रांत में जिस ढंग से हेरात के युवक को मारा गया वह बेहद परेशान करने वाला था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, हमने रिपोर्ट देखी है, तालिबान शरिया कानून की अपनी व्याख्या लागू कर रहा है, यह खतरनाक है।
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