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आईएमएफ का पाकिस्तान की सरकार को तगड़ा झटका, दिसंबर तक नहीं दे पाएगी 'गारंटी'

Fri, 27 Sep 2019 01:51 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 27 Sep 2019 01:51 AM IST
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International Monetary Fund denied to Pakistan to give any government guarantee till December
पाक प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने करारा झटका दिया है। आईएमएफ ने दिसंबर में अपना कर्ज कार्यक्रम लागू होने के बाद के दूसरे तिमाही की समीक्षा होने तक पाकिस्तान की तरफ से किसी भी तरह की सरकारी गारंटी दिए जाने पर रोक लगा दी है। आईएमएफ की तरफ से सरकार को करीब 200 अरब रुपये का एक और इस्लामिक सुकुक बांड जारी करने के लिए भी सरकारी गारंटी दिए जाने से रोक दिया है।

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पाकिस्तान सरकार इससे पहले भी इस्लामिक बैंकों से 200 अरब रुपये ले चुकी है। सरकार की पावर डिविजन के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, तब सरकार ने विद्युत वितरण कंपनियों की संपत्तियों को गिरवी रखने के साथ ही सरकारी गारंटी को भी बढ़ाया था। लेकिन इस बार आईएमएफ ने सरकारी गारंटी देने पर भी रोक लगा दी है। 
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पाकिस्तान सरकार की मंशा इस्लामिक कर्ज के जरिए 200 अरब रुपये व्यवस्था कर ऊर्जा कंपनियों को देने की थी, जिससे ईंधन के लिए पीएसओ को भुगतान किया जा सके। वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ओमार हमीद ने भी आईएमएफ की तरफ से रोक लगाए जाने की पुष्टि की है। बता दें कि आईएमएफ के साथ कर्ज समझौते के अनुसार, पाकिस्तान अपनी जीडीपी के 3.6 प्रतिशत की विशिष्ट सीमा से अधिक सरकारी गारंटी ऋण पर नहीं दे सकता है।

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समीक्षा से पहले पाक ने जोड़े 10 लाख नए करदाता

पाकिस्तान सरकार ने आईएमएफ के दबाव में उठाए जा रहे आर्थिक सुधारों के कदमों के तहत पहली बार देश में एक साल में 10 लाख नए करदाता जोड़े हैं। अब पाकिस्तान में कुल करदाताओं की संख्या करीब 25 लाख पर पहुंच गई है। नए करदाता जोड़ने की यह खबर आईएमएफ की तरफ से पाक अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए अक्टूबर में की जाने वाली पहली समीक्षा के ठीक पहले जारी की गई है। 

आईएमएफ यह समीक्षा पाकिस्तान को तीन साल में 6 अरब डॉलर कर्ज मुहैया कराने के जुलाई में हुए समझौते के तहत कर रहा है। फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के एक अधिकारी ने बताया कि जो लोग अपनी आय घोषित नहीं कर रहे हैं, उन्हें तलाशकर कर वसूलने का अभियान चलाया जा रहा है।

पाक की अर्थव्यवस्था पर एडीबी ने जारी किया अलर्ट

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में गिरावट को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने अपने आउटलुक-2019 में अलर्ट जारी किया है। एडीबी का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020 में 2.8 फीसदी की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर के साथ पिछले साल के मुकाबले और ज्यादा धीमी हो सकती है। रिपोर्ट में पाकिस्तान की जीडीपी विकास दर वित्त वर्ष 2018 की 5.5 फीसदी के मुकाबले 2019 में घटकर 3.3 फीसदी पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है।

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