UNHRC: मानवाधिकार परिषद में भारत की पाकिस्तान को लताड़, बलूचिस्तान में लोगों को जबरन गायब करने का मामला उठाया
Indias Right of Reply: यूएनएचआरसी में भारत ने कहा, पाकिस्तान के खुद के जांच आयोग को पिछले एक दशक में 'जबरन गायब' किए जाने की 8,463 शिकायतें मिली हैं। बलूच लोगों ने इस क्रूर नीति का खामियाजा भुगता है।
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। दरअसल, पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि मौजूदा भारत सरकार कश्मीरियों को उनकी आजीविका से वंचित करने के लिए आवासीय घरों को ध्वस्त कर रही है और जमीन के पट्टे खत्म करके उन्हें दंडित कर रही है। भारतीय राजनायिक ने 'जवाब देने के अधिकार' (राइट टू रिप्लाई) का इस्तेमाल करते हुए उनकी इस टिप्पणी को खारिज किया और कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार कर रहा है और इस मंच (यूएनएचआरसी) का दुरुपयोग कर रहा है।
भारतीय राजनयिक सीमा पुजानी ने कहा, "पाकिस्तान की जनता अपने जीवन, आजीविका और आजादी के लिए संघर्ष रही है, लेकिन भारत के प्रति पाकिस्तान का ओब्सेशन गलत प्राथमिकताओं का संकेत है। मैं इसके नेतृत्व और अधिकारियों को सलाह दूंगी कि वे आधारहीन दुष्प्रचार के बजाय खुद की जनता के लाभ के लिए काम करने पर अपनी उर्जा केंद्रित करें।"
तुर्किये और ओआईसी को भी सुनाई खरी-खरी
पुजानी ने जम्मू-कश्मीर पर तुर्किये के प्रतिनिधि की टिप्पणियों की भी निंदा की और कहा, हम भारत के आंतरिक मामले पर तुर्किये की टिप्पणियों पर खेद जताते हैं और उसे सलाह देते हैं कि वह हमारे आंतरिक मामलों पर अवांछित टिप्पणी करने से बचे। उन्होंने कहा, जहां तक ओआईसी के बयान का संबध है, हम केंद्रक शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बारे में अनुचित संदर्भों को खारिज करते हैं। तथ्य यह है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का हिस्सा रहे हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है।
भारतीय राजनयिक ने आगे कहा, ओआईसी ने अपने सदस्य पाकिस्तान से राज्य प्रायोजित आतंकवाद छोड़ने और भारतीय क्षेत्र से अपना कब्जा हटाने का आह्वान करने के बजाय उसको भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार में शामिल होने के लिए अपने मंच का दुरुपयोग करने दिया है।
पाकिस्तान की क्रूर नीतियों का खामियाजा भुगत रहे बलूच
भारत ने कहा, "पाकिस्तान के खुद के जांच आयोग को पिछले एक दशक में 'जबरन गायब' किए जाने की 8,463 शिकायतें मिली हैं। बलूच लोगों ने इस क्रूर नीति का खामियाजा भुगता है। छात्रों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षकों और सामुदायिक नेताओं को राज्य द्वारा नियमित रूप से गायब कर दिया जाता है।" भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए धार्मिक आजादी नहीं है। अहमदिया समुदाय को अपनी आस्था का पालन करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है।
राज्य के संस्थानों में ईसाईयों के लिए 'सफाईकर्मी' की नौकरी आरक्षित
भारत ने आगे कहा, ईसाई समुदाय के साथ भी उतना ही बुरा व्यवहार है। इसे (ईसाई समुदाय) अक्सर सख्त ईशनिंदा कानूनों के जरिए लक्षित किया जाता है। राज्य के संस्थान आधिकारिक तौर पर ईसाइयों के लिए 'सफाईकर्मी' की नौकरियों को आरक्षित करते हैं।
हिंदू और सिखों के पूजा स्थलों पर लगातार हो रहे हमले
यूएनएचआरसी में भारत ने आगे कहा, राज्य की हिंसा और उदासीन न्यायपालिका के कारण अन्य समुदायों की कम उम्र की लड़कियों को इस्लाम में परिवर्तित किया जाता है। हिंदू और सिख समुदायों को अपने पूजा स्थलों पर लगातार हमले और उनकी कम उम्र की लड़कियों को जबरन धर्मांतरण जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ता है।
आतंकी हाफिज सईद मसूद अजहर का पालन-पोषण कर रहा पाकिस्तान
भारतीय राजनयिक पुजानी ने पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने वाला देश बताया। भारत ने कहा, पाकिस्तान ने हमेशा ही आतंकियों को संरक्षण दिया है। आतंकी हाफिज सईद और आतंकी मसूद अजहर का वर्षों से पालन-पोषण किया जा रहा है। आतंकी ओसामा बिन लादने तो पाकिस्तानी आर्मी की डिफेंस कॉलेनी के बगल में रहता था।