श्रीलंका आने वाले सभी भारतीय नागरिकों को देश के कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय उच्चायोग ने यहां शनिवार को यह बात कही।
देश के नए कोविड-19 दिशानिर्देशों (गाइडलाइंस) के मुताबिक, श्रीलंका की यात्रा करने वाले सभी पर्यटकों को टीकाकरण कार्ड ले जाना आवश्यक है और टीका न लगाने वाले यात्रियों को देश में आने से 72 घंटे पहले की एक निगेटिव पीसीआर रिपोर्ट लानी जरूरी है।
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दिवालिया होने दी कगार पर श्रीलंका
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शुक्रवार से प्रभावी हो गए नए दिशानिर्देश
इससे पहले बीते साल 7 दिसंबर को द्वीप राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। तब प्री-बोर्डिंग या ऑन-अराइवल निगेटिव कोविड-19 टेस्ट (पीसीआर/रैपिड एंटीजन टेस्ट) का नियम भी हटा दिया गया था। संशोधित कोविड-19 दिशानिर्देश शुक्रवार से प्रभावी हो गए हैं।
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कोविड दिशा निर्देश
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भारतीय उच्चायोग ने क्या दी सलाह
उच्चायोग ने एक बयान में कहा, श्रीलंका आने वाले भारतीय नागरिकों से नवीनतम कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया जाता है। श्रीलंका ने कहा है कि वह स्वास्थ्य अधिकारियों के परामर्श से कोविड-19 संबंधित किसी भी नए घटनाक्रम पर नजर रखेगा।
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Aviation
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श्रीलंका आने वाले सर्वाधिक पर्यटक भारतीय
बीते साल 2022 में श्रीलंका कुल 719,000 से ज्यादा विदेशी पहुंचे थे। उनमें से सबसे ज्यादा 123,000 पर्यटक भारत के थे। इसके बाद दूसरे नंबर पर रूस से सबसे ज्यादा 91,372 पर्यटक और ब्रिटेन से 85,187 पर्यटक द्वीप राष्ट्र पहुंचे थे। उससे पहले श्रीलंका में 2021 में पर्यटकों का आगमन 195,000 से कम था।
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श्रीलंका संकट
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आर्थिक संकट से पर्यटन क्षेत्र प्रभावित
देश की आजादी के बाद अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण पिछले साल व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इससे श्रीलंका का पर्यटन क्षेत्र भी प्रभावित हुआ, क्योंकि कई देशों ने द्वीप राष्ट्र की यात्रा न करने की एडवायजरी भी जारी की थी। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन हुआ।