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Russia: वोल्खोव नदी में डूबे चार भारतीय छात्र, वीडियो कॉल में परिवार वालों ने देखा अपने बेटे के मौत का मंजर
Fri, 07 Jun 2024 01:49 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 07 Jun 2024 01:49 PM IST
सार
महाराष्ट्र में जलगांव के जिला कलेक्टर आयुश प्रसाद ने बताया कि शवों को भारत वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक छात्र का शव बरामद किया गया है। तीन अन्य छात्रों की तलाश जारी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रूस की वोल्खोव नदी में चार भारतीय मेडिकल छात्रों के डूबने से मौत हो गई। ये सभी छात्र एरोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोड स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते थें। मृतकों में से एक की पहचान जिशान अशपाक पिंजरी के तौर पर की गई है, जो घटना के दौरान वीडियो कॉल पर अपने घरवालों से बात कर रहा था। मृतक के परिवार वालों ने इसकी जानकारी दी। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने कहा कि जिस छात्रा की जान बच गई है, उसे उचित उपचार भी मुहैया कराया जा रहा है।
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बाकी के तीन छात्रों की पहचान हर्षल अनंतराव देसाले, जिया फिरोज पिंजारी और मलिक गुलामगौस मोहम्मद याकूब के तौर पर की गई है। ये सभी नदी के पास घूम रहे थे और अचानक से पानी के अंदर चले गए। उनके अलावा एक अन्य छात्रा निशा भुपेश सोनावणे इस हादसे में बच गई। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में है।
शवों को लाया जा रहा भारत
महाराष्ट्र में जलगांव के जिला कलेक्टर आयुश प्रसाद ने बताया कि शवों को भारत वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, "एक छात्र का शव बरामद किया गया है। तीन अन्य छात्रों की तलाश जारी है। हमने विदेश मंत्रालय की मदद के लिए रूस में भारतीय दूतावास और पीटर्सबर्ग में महावाणिज्य दूतावास के संपर्क में हैं। वे परिवार के लिए सहयोगी रहे हैं। जिस छात्र की जान बच गई, उसके लिए बेस्ट मेडिकल सुविधा का इंतजाम किया गया। हम उम्मीद कर रहे हैं कि शवों को अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार भारत वापस भेजा जाएगा।"
बता दें कि जिशान और जिया भाई-बहन हैं और वे जलगांव के अमलनेर के रहने वाले हैं। उनके परिवार वालों ने कहा, "जिशान जब वोल्खोव नदी के पास पहुंचा, तब उसने परिवार को वीडियो कॉल किया। उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य सभी को नदी से दूर जाने के लिए कह रहे थे, तभी एक तेज लहर उठी और सभी उसमें बह गए।"
यूनिवर्सिटी ने जताया शोक
एरोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोड स्टेट यूनिवर्सिटी ने इस घटना पर दुख व्यक्त की। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा, "शाम के समय सभी छात्र नदी के पास टहल रहे थे। यह हादसा अविश्वसनीय है। निशा भुपेश सोनावणे सुरक्षित हैं और वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। छात्रों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। यूनिवर्सिटी ने भारतीय दूतावास से छात्रों के शव को उनके परिजनों तक पहुंचाने का अनुरोध किया।"
रूसी मीडिया ने बताया कि नदी के पास एक छात्रा मुसीबत में फंस गई थी। तीन छात्र उसकी मदद करने गए, लेकिन वे नदी में डूब गए। सेंट पीटर्सबर्ग में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि ये सभी छात्र यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे।
भारतीय दूतावास ने छात्रों की दी सावधानी बरतने की सलाह
छात्रों के डूबने की घटना के बाद रूस में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसके अनुसार छात्रों से जलाशयों के समीप जाते समय बेहद सावधान रहने को कहा है। इसके अलावा दूतावास ने 2023 और 2022 के पिछले आंकड़ों का भी खुलासा किया और कहा, 2023 में डूबने की दो घटनाएं, जबकि 2022 में छह मामले सामने आए थे। इसलिए दूतावास ने रूस में भारतीय छात्रों से समुद्र तटों, नदियों, झीलों, तालाबों और अन्य जल निकायों में जाते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया।
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1/2 @indianconsspb is working together with the local authorities of Veliky Novgorod to send the mortal remains to the relatives as soon as possible. The bereaved families have been contacted and assured of all the possible help. https://t.co/QFMdv7lKhd
— India in St. Petersburg (@indianconsspb) June 7, 2024विज्ञापन
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बाकी के तीन छात्रों की पहचान हर्षल अनंतराव देसाले, जिया फिरोज पिंजारी और मलिक गुलामगौस मोहम्मद याकूब के तौर पर की गई है। ये सभी नदी के पास घूम रहे थे और अचानक से पानी के अंदर चले गए। उनके अलावा एक अन्य छात्रा निशा भुपेश सोनावणे इस हादसे में बच गई। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में है।
Indian Embassy in Russia issues advisory for Indian students in Russia following the incidents of drowning of Indian students in Russia. pic.twitter.com/Mxkg8CPa2U
— ANI (@ANI) June 7, 2024
शवों को लाया जा रहा भारत
महाराष्ट्र में जलगांव के जिला कलेक्टर आयुश प्रसाद ने बताया कि शवों को भारत वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, "एक छात्र का शव बरामद किया गया है। तीन अन्य छात्रों की तलाश जारी है। हमने विदेश मंत्रालय की मदद के लिए रूस में भारतीय दूतावास और पीटर्सबर्ग में महावाणिज्य दूतावास के संपर्क में हैं। वे परिवार के लिए सहयोगी रहे हैं। जिस छात्र की जान बच गई, उसके लिए बेस्ट मेडिकल सुविधा का इंतजाम किया गया। हम उम्मीद कर रहे हैं कि शवों को अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार भारत वापस भेजा जाएगा।"
बता दें कि जिशान और जिया भाई-बहन हैं और वे जलगांव के अमलनेर के रहने वाले हैं। उनके परिवार वालों ने कहा, "जिशान जब वोल्खोव नदी के पास पहुंचा, तब उसने परिवार को वीडियो कॉल किया। उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य सभी को नदी से दूर जाने के लिए कह रहे थे, तभी एक तेज लहर उठी और सभी उसमें बह गए।"
यूनिवर्सिटी ने जताया शोक
एरोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोड स्टेट यूनिवर्सिटी ने इस घटना पर दुख व्यक्त की। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा, "शाम के समय सभी छात्र नदी के पास टहल रहे थे। यह हादसा अविश्वसनीय है। निशा भुपेश सोनावणे सुरक्षित हैं और वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। छात्रों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। यूनिवर्सिटी ने भारतीय दूतावास से छात्रों के शव को उनके परिजनों तक पहुंचाने का अनुरोध किया।"
रूसी मीडिया ने बताया कि नदी के पास एक छात्रा मुसीबत में फंस गई थी। तीन छात्र उसकी मदद करने गए, लेकिन वे नदी में डूब गए। सेंट पीटर्सबर्ग में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि ये सभी छात्र यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे।
भारतीय दूतावास ने छात्रों की दी सावधानी बरतने की सलाह
छात्रों के डूबने की घटना के बाद रूस में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसके अनुसार छात्रों से जलाशयों के समीप जाते समय बेहद सावधान रहने को कहा है। इसके अलावा दूतावास ने 2023 और 2022 के पिछले आंकड़ों का भी खुलासा किया और कहा, 2023 में डूबने की दो घटनाएं, जबकि 2022 में छह मामले सामने आए थे। इसलिए दूतावास ने रूस में भारतीय छात्रों से समुद्र तटों, नदियों, झीलों, तालाबों और अन्य जल निकायों में जाते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया।