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आबुधाबी में भारतीय छात्र ने सफाई और खेती करने वाले रोबोट बनाए
Fri, 12 Apr 2019 04:32 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 12 Apr 2019 04:32 AM IST
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Sainath Manikandan (file)
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आबुधाबी में एक भारतीय छात्र ने दो ऐसे रोबोट तैयार किए हैं, जो पर्यावरण की सफाई और कृषि कार्यों को आसान बनाएंगे। मरीन रोबोट क्लीनर (एमबोट क्लीनर) समुद्र की ऊपरी सतह को साफ करने में कारगर है, जबकि एग्रीकल्चर रोबोट (एग्रीबोट) से ड्रोन के जरिये बीजारोपण करना आसान होगा। यह उन किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा, जो संयुक्त अरब अमीरात जैसे गर्म देशों में काम करते हैं।
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जेम्स यूनाइटेड इंडियन स्कूल के छात्र साईंनाथ मनिकंदन ने जो एमबोट तैयार किया है, वह नाव की शक्ल का है। इसके जरिए समुद्र की सतह पर तैरने वाले कचरे को आसानी से साफ किया जा सकता है। यह प्रोटोटाइप रोबोट है, जो रिमोट से भी चलाया जा सकता है। इसमें दो मोटरें लगी हैं, जिनसे नाव पानी में तैरती है। दो छड़ीनुमा वस्तुओं के जरिए पानी में मौजूद कचरा स्टोरेज बास्केट में पहुंचा दिया जाता है। यह बैटरी से चलता है, लेकिन इसे सोलर पैनल से भी चलाया जा सकता है।
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वहीं एग्रीबोट से खेत की जुताई की जा सकती है। साईंनाथ ने खलीज टाईम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, एग्रीबोट में कई विकल्प हैं। जिस काम को भी करना हो, उस मोड पर रोबोट को सेट करना पड़ता है। एग्रीबोट में भी सोलर पैनल लगा है। इसमें ड्रोन के इस्तेमाल की भी सुविधा है। ड्रोन के माध्यम से खेतों में बीजारोपण किया जा सकता है। वहीं एमबोट को लेकर साईनाथ ने कहा कि यह रोबोट पानी में मौजूद गंदगी को साफ करता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बेहतर पर्यावरण के निर्माण में भी किया जा सकता है। उसका कहना है कि बड़े पैमाने पर इनका निर्माण करके पर्यावरण को दुरुस्त रखा जा सकता है।
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पर्यावरण की चिंता
साईंनाथ पर्यावरण से जुड़े कई कार्यक्रमों से भी जुड़ा है। तंजा इको जेनरेशन के कार्यक्रम ड्रॉप इट यूथ से वह लंबे समय से संबद्ध है। साईंनाथ का कहना है कि वह खुद एक अभियान चलाकर पेपर, इलेक्ट्रानिक कचरा, प्लास्टिक और केन्स को री-साइकलिंग के लिए एकत्र करता है। उसका कहना है कि री-साइकलिंग के जरिए पर्यावरण को हमेशा के लिए स्वच्छ रखा जा सकता है। जो चीजें कचरे की शक्ल ले चुकी हैं, उनसे उपयोगी सामान तैयार हो सकता है। इसके साथ कूड़े के ढेर यहां-वहां दिखाई नहीं देते।