{"_id":"5d6299098ebc3e93b434386f","slug":"indian-origin-pakistani-leader-and-human-rights-activist-bm-kutty-dies","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय मूल के पाकिस्तानी नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता बी एम कुट्टी का निधन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
भारतीय मूल के पाकिस्तानी नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता बी एम कुट्टी का निधन
Sun, 25 Aug 2019 07:49 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 25 Aug 2019 07:49 PM IST
विज्ञापन
बी एम कुट्टी (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय मूल के प्रख्यात पाकिस्तानी नेता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता बी एम कुट्टी का लंबी बीमारी के बाद रविवार को यहां निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। कुट्टी 70 साल पहले 19 वर्ष की आयु में 1949 में पाकिस्तान में बस गये थे। उनका जन्म केरल के मलप्पुरम नगर में हुआ था।
विज्ञापन
वह भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए काम करने वाले एक शांति समूह ‘पाकिस्तान पीस कोलेशन’ के महासचिव थे। वह बलूचिस्तान के गवर्नर के राजनीतिक सचिव भी रहे थे। मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं पत्रकार मारवी सरमद ने कहा, वह काफी समय से बीमार थे। उन्होंने नागरिक एवं मानवाधिकारों के लिए लड़ाई में अपना पूरा जीवन लगा दिया।
विज्ञापन
उनकी पत्नी बिरजिस सिद्दिकी का 2010 में निधन हो गया था। दंपती की चार संतानें हैं। कुट्टी 2011 में अपनी आत्मकथा ‘स्वनिर्वासन में 60 साल: कोई अफसोस नहीं, एक राजनीतिक आत्मकथा’ से प्रसिद्ध हुए। इसमें उन्होंने केरल से कराची तक की अपनी यात्रा की कहानी बयां की है।
विज्ञापन
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कुट्टी के निधन पर शोक प्रकट किया है। विजयन ने कुट्टी को एक ऐसा नेता बताया जो भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंधों के हमेशा ही हिमायती रहे। उन्होंने कहा, वह (कुट्टी) एक प्रख्यात पत्रकार और प्रतिबद्ध नेता भी थे, जिन्होंने शांति की खातिर एवं साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ी।