UK: भारतीय मूल के व्यक्ति और उसके भतीजे को 14 साल की सजा, कोकीन और हेरोइन की आपूर्ति के लिए चला रहे थे गिरोह
UK: लीस्टर की अदालत ने कमलजीत सिंह चहल (52 वर्षीय) और भीपन चहल (25 वर्षीय) को 14 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने गिरोह के आठ अन्य सदस्यों को भी सजा सुनाई है, जो 2020 के दौरान कोकीन और हेरोइन की आपूर्ति कर रहे थे।
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ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय मूल एक व्यक्ति और उसके भतीजे को सजा सुनाई है। उन्हें वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र में 100 किलोग्राम से ज्यादा के ड्रग्स की आपूर्ति करने का दोषी पाया गया है। दोनों एक ड्रग आपूर्ति करने वाले गिरोह का नेतृत्व कर रहे थे।
लीस्टर की अदालत ने कमलजीत सिंह चहल (52 वर्षीय) और भीपन चहल (25 वर्षीय) को 14 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने गिरोह के आठ अन्य सदस्यों को भी सजा सुनाई है, जो 2020 के दौरान कोकीन और हेरोइन की आपूर्ति कर रहे थे।
भारतीय मूल के तीसरे व्यक्ति संदीप जोहल (32 वर्षीय) को 11 साल की सजा सुनाई गई है। वह भी इस गिरोह में शामिल था। गिरोह के इन सदस्यों ने कोविड महामारी के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के प्रतीक के साथ एक वाहन का भी इस्तेमाल किया था। इस प्रतीक में 'थैंक यू एनएचएस' लिखा हुआ था। गिरोह ने इस प्रतीक का इस्तेमाल किया ताकि ड्रग्स की पहचान न हो सके।
वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस क्षेत्रीय संगठित अपराध इकाई के मुख्य निरीक्षक पीटर कुक ने कहा, यह ए श्रेणी का एक महत्वपूर्ण ड्रग अभियान था जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान संचालित किया जा रहा था। उन्होंने कहा, यह वेस्ट मिडलैंड्स में ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए चल रहे हमारे काम का हिस्सा है, और यह अभियानआगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, हम उन लोगों पर फोकस कर रहे हैं जिन्हें हमारे क्षेत्र में संगठित अपराध के उच्चतम स्तर में शामिल माना जाता है। ये लोग अब कुल मिलाकर 100 साल सलाखों के पीछे बिताएंगे। यह क्लास ए ड्रग्स की आपूर्ति करने के वाले अन्य लोगों को भी स्पष्ट चेतावनी है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।