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UK: ब्रिटेन में भारतीय मूल के शख्स को नौ साल की जेल, पड़ोसी पर गंभीर हमले का पाया गया दोषी
Mon, 31 Jul 2023 04:23 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 31 Jul 2023 04:23 PM IST
सार
UK: ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति को नौ साल की जेल की सजा सुनाई है। उसे अपने एक पड़ोसी पर लकड़ी के डंडे से हिंसक हमला करने का दोषी पाया गया।
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विस्तार
ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति को नौ साल की जेल की सजा सुनाई है। उसे अपने एक पड़ोसी पर लकड़ी के डंडे से हिंसक हमला करने का दोषी पाया गया।
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जांच करने वाली बेडफोर्डशीर पुलिस के मुताबिक, ऋषि कासीराम (35 वर्षीय) ने पड़ोसी के चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाई। इसके अलावा उसकी पीठ पर भी काफी चोटें आईं। यह हमला पिछले महीने साल जून में हुआ था। कासीराम को पूर्वी इंग्लैंड के ल्यूटन में उसके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। इस महीने की शुरुआत में उसे ल्यूटन क्राउन कोर्ट ने सजा सुनाई थी।
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बेडफोर्डशीर पुलिस के डिटेक्टिव सार्जेंट बिल हेग ने कहा, 'यह असाधारण हिंसक हमला था जिसने अपने पीछे वास्तव में हैरान करने वाला अपराध दृश्य छोड़ दिया।'
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उन्होंने कहा, इस मामले में पीड़ित को अब जीवनभर कासीराम के कृत्यों के प्रभाव के साथ जीना पड़ेगा। कासीराम जैसे हिंसक ठगों की बेडफोर्डशीर की सड़कों पर कोई जगह नहीं है। मुझे खुशी है कि हम उसे सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफल रहे।
अदालत को बताया गया था कि हमले के कुछ दिन पहले पीड़ित और कासीराम के बीच बहस हुई ती। 25 जून, 2022 को पीड़ित घर लौटा और देखा कि कासीराम अपने फ्लैट से उसकी ओर आ रहा है। पीड़ित उसके अंदर आने से पहले दरवाजा बंद करने में विफल रहा।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित का इलाज करने वाले सर्जन ने बताया कि उसकी चोटें ऐसी थीं कि जैसे बेसबॉल बैट जैसे कुंद हथियार से हमला किया गया हो। पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से कहा, 'मुझे इस घटना पर भरोसा नहीं हो रहा है। वह बस मुझे मारता रहा।'
पुलिस जांच में आगे यह भी पता चला कि कासीराम ने एक दिन पहले अपने एक दूसरे पड़ोसी के चेहरे पर भी मुक्का मारा था। उसने अदालत में यह दावा करने की कोशिश की कि किसी और व्यक्ति ने पीड़ित पर ज्यादा गंभीर हमला किया था और वह दूसरी घटना के दौरान आत्मरक्षा कर रहा था। लेकिन जूरी ने कासीराम को पिछले साल दिसंबर में इरादे से गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और हमला करने का दोषी पाया था।
21 जुलाई को ल्यूटन क्राउन कोर्ट में कासीराम को गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाने के लिए आठ साल की कैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा उसे हमले के लिए एक और साल की जेल की सजा भी सुनाई गई थी। न्यायाधीश ने कासीराम को एक खतरनाक अपराधी बताया।
भारतीय मूल के व्यक्ति ने मानव तस्करी का अपराध स्वीकार किया
कनाडा से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पित किए गए 40 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति ने मार्च 2020 से मार्च 2021 के बीच भारतीयों को अमेरिका में तस्करी करने का दोषी ठहराया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका अटॉर्नी कार्यालय उत्तरी जिला न्यूयॉर्क ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सिमरनजीत सिंह को 28 जून, 2022 को ओंटारियो में हिरासत में लिया गया था और 30 मार्च 2023 को कनाडा से अमेरिका में प्रत्यर्पित किया गया था। उसे सजा 28 दिसंबर को सुनाई जाएगी। वह कनाडा के ब्रैम्पटन का रहने वाला था।