{"_id":"66e11124db3a76153b0e6847","slug":"indian-origin-lecturer-wins-singapore-literature-prize-for-nine-yard-sarees-news-in-hindi-2024-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Singapore: भारतीय मूल के लेक्टरर को मिला सिंगापुर साहित्य सम्मान, 'नाइन यार्ड साड़ी' को मिला पुरस्कार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Singapore: भारतीय मूल के लेक्टरर को मिला सिंगापुर साहित्य सम्मान, 'नाइन यार्ड साड़ी' को मिला पुरस्कार
Wed, 11 Sep 2024 09:13 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 11 Sep 2024 09:13 AM IST
सार
इंग्लिश क्रिएटिव नॉन फिक्शनका पुरस्कार भारतीय मूल की कलाकार शुबिगी राव को मिला। उन्हें यह पुरस्कार उनकी 'पल्प III: एन इंटिमेट इन्वेंटरी ऑफ द बेनिश्ड बुक' (2022) के लिए दिया गया। शुबिगी राव ने अपनी जीत का श्रेय प्रतिभाशाली महिलाओं दिया।
विज्ञापन
सिंगापुर साहित्य पुरस्कार 2024
- फोटो : Singapore Book Council
विस्तार
भारतीय मूल के लेक्चरर ने अपनी अंग्रेजी फिक्शन के लिए सिंगापुर साहित्य पुरस्कार जीता। नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के लेक्चरर प्रशांति राम को नाइन यार्ड साड़ी के लिए यह पुरस्कार दिया गया। उनकी यह कहानी सिंगापुर, सिडनी, न्यूयॉर्क और कनेक्टिकट में फैले एक तमिल ब्राह्मण परिवार की पीढ़ियों के बारे में है। पुरस्कार जीतने के बाद प्रशांति राम ने कहा कि वह आश्चर्यचकित हैं।
लेक्चरर प्रशांति राम ने कहा, "मैं आश्चर्यचकित हूं। मैं बहुत आभारी हूं कि जजों ने 'नाइन यार्ड साड़ी' में योग्यता देखी। मैंने यह यह कहानी अपने दिवंगत पिता की देखभाल करने के दौरान लिखी थी।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे उम्मीद है कि अब ज्यादा ज्यादा लेखक लघु कथा के साथ नए-नए प्रयोग करेंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस प्रारूप के जरिए एक ही रचना में इतने सारे परिप्रेक्ष्यों और संदर्भों में गोता लगाने का मौका मिलता है। यह बहुत खुशी की बात है।"
मंगलवार को विक्टोरिया थिएटर में एक समारोह में कवि सिरिल वोंग के नेतृत्व में तीन सदस्यीय पैनल ने बताया कि प्रशांति राम की यह कहानी कुशल, आश्वस्त, कभी-कभी हास्यपूर्ण और प्रभावित करने वाला था। इसने प्रशांति को एक स्पष्ट दृष्टि वाला के तौर पर वर्णित किया है।
विज्ञापन
शुबिगी राव को मिला इंग्लिश क्रिएटिव नॉन फिक्शन के लिए पुरस्कार
इंग्लिश क्रिएटिव नॉन फिक्शनका पुरस्कार भारतीय मूल की कलाकार शुबिगी राव को मिला। उन्हें यह पुरस्कार उनकी 'पल्प III: एन इंटिमेट इन्वेंटरी ऑफ द बेनिश्ड बुक' (2022) के लिए दिया गया। शुबिगी राव ने अपनी जीत का श्रेय प्रतिभाशाली महिलाओं दिया। उन्होंने कहा कि सेंसरशिप, प्रतिबंध, जलाना और फंडिंग के हर कृत्य के साथ हम हद से ज्यादा गरीब हो गए।
सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी डेब्यू का पुरस्कार 91 वर्षीय नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के एमेरिटस प्रोफेसर पीटर एलिंगर को मिला। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी किताब डाउन मेमरी लेन: पीटर एलिंगर्स मेमोइर के लिए जीता। इसी के साथ वह सिंगापुर साहित्य पुरस्कार जीतने वाले सबसे उम्रदराज विजेता बन गए। उनकी यह किताब उनके जीवन पर आधारित है। इसमें 20वीं सदी की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का भी जिक्र है।
बता दें कि कुल 17 लेखक, अनुवादकों और हास्य कलाकारों को सिंगापुर साहित्य पुरस्कार दिया गया। तमिल कविता के विजेताओं में मथिकुमार थायुमानवन द्वारा यमक्कोदंगी (2023), कनागलता के द्वारा फिक्शन: चीनलक्षुमी (2022), अजगुनिला द्वारा क्रिएटिव नॉन-फिक्शन: अप्पन (2023), और तमिलसेल्वी राजराजन द्वारा बेस्ट डेब्यू: कात्रालालिल (2023) शामिल हैं।
विज्ञापन
लेक्चरर प्रशांति राम ने कहा, "मैं आश्चर्यचकित हूं। मैं बहुत आभारी हूं कि जजों ने 'नाइन यार्ड साड़ी' में योग्यता देखी। मैंने यह यह कहानी अपने दिवंगत पिता की देखभाल करने के दौरान लिखी थी।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे उम्मीद है कि अब ज्यादा ज्यादा लेखक लघु कथा के साथ नए-नए प्रयोग करेंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस प्रारूप के जरिए एक ही रचना में इतने सारे परिप्रेक्ष्यों और संदर्भों में गोता लगाने का मौका मिलता है। यह बहुत खुशी की बात है।"
विज्ञापन
मंगलवार को विक्टोरिया थिएटर में एक समारोह में कवि सिरिल वोंग के नेतृत्व में तीन सदस्यीय पैनल ने बताया कि प्रशांति राम की यह कहानी कुशल, आश्वस्त, कभी-कभी हास्यपूर्ण और प्रभावित करने वाला था। इसने प्रशांति को एक स्पष्ट दृष्टि वाला के तौर पर वर्णित किया है।
विज्ञापन
शुबिगी राव को मिला इंग्लिश क्रिएटिव नॉन फिक्शन के लिए पुरस्कार
इंग्लिश क्रिएटिव नॉन फिक्शनका पुरस्कार भारतीय मूल की कलाकार शुबिगी राव को मिला। उन्हें यह पुरस्कार उनकी 'पल्प III: एन इंटिमेट इन्वेंटरी ऑफ द बेनिश्ड बुक' (2022) के लिए दिया गया। शुबिगी राव ने अपनी जीत का श्रेय प्रतिभाशाली महिलाओं दिया। उन्होंने कहा कि सेंसरशिप, प्रतिबंध, जलाना और फंडिंग के हर कृत्य के साथ हम हद से ज्यादा गरीब हो गए।
सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी डेब्यू का पुरस्कार 91 वर्षीय नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के एमेरिटस प्रोफेसर पीटर एलिंगर को मिला। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी किताब डाउन मेमरी लेन: पीटर एलिंगर्स मेमोइर के लिए जीता। इसी के साथ वह सिंगापुर साहित्य पुरस्कार जीतने वाले सबसे उम्रदराज विजेता बन गए। उनकी यह किताब उनके जीवन पर आधारित है। इसमें 20वीं सदी की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का भी जिक्र है।
बता दें कि कुल 17 लेखक, अनुवादकों और हास्य कलाकारों को सिंगापुर साहित्य पुरस्कार दिया गया। तमिल कविता के विजेताओं में मथिकुमार थायुमानवन द्वारा यमक्कोदंगी (2023), कनागलता के द्वारा फिक्शन: चीनलक्षुमी (2022), अजगुनिला द्वारा क्रिएटिव नॉन-फिक्शन: अप्पन (2023), और तमिलसेल्वी राजराजन द्वारा बेस्ट डेब्यू: कात्रालालिल (2023) शामिल हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन