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US News: अमेरिका में पहली महिला सिख जज मोनिका सिंह ने ली शपथ, न्यायाधीश बोले- समुदाय के लिए गर्व का दिन
Mon, 09 Jan 2023 01:00 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, ह्यूस्टन
पीटीआई, ह्यूस्टन
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 09 Jan 2023 01:00 AM IST
सार
मोनिका सिंह के पिता 1970 के दशक की शुरुआत में अमेरिका चले गए थे। 20 वर्षों से वह एक ट्रेनी वकील और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई नागरिक अधिकार संगठनों में शामिल रही हैं।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमेरिका में पहली बार कोई भारतीय मूल की महिला सिख न्यायाधीश बनी है। भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका सिंह ने हैरिस काउंटी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है और वह अमेरिका में पहली सिख महिला न्यायाधीश बन गई हैं। मोनिका सिंह का जन्म अमेरिका के ह्यूस्टन में था। अब वह अपने पति और दो बच्चों के साथ बेलेयर में रहती हैं।
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उन्होंने शुक्रवार को टेक्सास में लॉ नंबर चार में हैरिस काउंटी सिविल कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। मोनिका सिंह के पिता 1970 के दशक की शुरुआत में अमेरिका चले गए थे। 20 वर्षों से वह एक ट्रेनी वकील और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई नागरिक अधिकार संगठनों में शामिल रही हैं।
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मनप्रीत मोनिका सिंह ने शपथ समारोह में कहा कि यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि मैं ह्यूस्टन का प्रतिनिधित्व करती हूं, इसलिए हम इसके लिए खुश हैं। राज्य के पहले दक्षिण एशियाई न्यायाधीश, भारतीय-अमेरिकी न्यायाधीश रवि सैंडिल ने समारोह की अध्यक्षता की। शपथ समारोह के दौरान कोर्टरूम खचाखच भरा हुआ था। न्यायाधीश सैंडिल ने कहा कि सिख समुदाय के लिए यह वास्तव में एक बड़ा क्षण है।।
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उन्होंने कहा कि मनप्रीत न केवल सिखों के लिए एक राजदूत हैं, बल्कि वह सभी रंग की महिलाओं के लिए एक राजदूत हैं। बता दें कि अमेरिका में अनुमानित 500,000 सिख हैं, जिनमें से 20,000 सिख ह्यूस्टन क्षेत्र में रहते हैं। ह्यूस्टन के मेयर सिल्वेस्टर टर्नर ने कहा कि यह सिख समुदाय के लिए गर्व का दिन था, लेकिन रंग के सभी लोगों के लिए भी गर्व का दिन था, जो कोर्ट की विविधता में ह्यूस्टन शहर की विविधता को देखते हैं।
केरल में मजदूरी करते थे, अमेरिका में बने जज
नई दिल्ली। कभी केरल में मजदूरी करने वाले भारतीय मूल के सुरेंद्रन के पटेल अमेरिका में न्यायाधीश बन गए हैं। उन्हें टेक्सास के 240वें जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
गरीब परिवार में जन्मे सुरेंद्रन ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह बहन के साथ बीड़ी बनाने लगे। एक वर्ष बाद उन्होंने फिर पढ़ाई शुरुआत की स्नातक में अव्वल रहे। 1995 में कानून की डिग्री लेने के बाद पटेल ने केरल के होसडर्ग में प्रैक्टिस शुरू की। 2004 में उन्होंने जूनियर वकील, सुधा को जीवन संगिनी बनाया। कुछ समय सुप्रीम कोर्ट में पैक्टिस की। सुधा की नौकरी अमेरिका में लगी तो वह भी साथ चले गए। एजेंसी