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भारतीय मूल के बैंकर को सिंगापुर में जेल, ग्राहकों से की करोड़ों की धोखाधड़ी
Fri, 05 Jul 2019 10:20 AM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Fri, 05 Jul 2019 10:20 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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सिंगापुर में गुरुवार को भारतीय मूल के एक बैंकर को 13 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उसे धोखाधड़ी के 20 मामलों में दोषी पाया गया है और 1.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर के लिए कंप्यूटर दुरुपयोग अधिनियम के तहत उसके खिलाफ 30 अन्य मामले भी दर्ज हुए हैं।
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स्ट्रेट टाइम्स की खबर के अनुसार केल जगदीश पुरुषोत्तम (43) ने जून 2010 से जनवरी 2013 के बीच 'बार्कलेज बैंक' के ग्राहकों के खातों से एक करोड़ डॉलर का गबन किया। उसे सजा सुनाते हुए इसी तरह के अन्य 503 आरोपों पर भी गौर किया गया।
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केल ने पुराने ग्राहकों को पैसे अदा करने के लिए अपने मौजूदा ग्राहकों के नकली हस्ताक्षर कर एक करोड़ डॉलर का गबन किया। उसने तब राशि की वसूली के लिए के लिए अधिक अनधिकृत लेनदेन किए लेकिन ऐसा करने में वह नाकाम रहा और इससे कम से कम एक करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।
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फरवरी 2010 में ब्रिटिश बैंक में नौकरी शुरू करने से पहले केल ने यूबीएस सिंगापुर के लिए काम किया, जहां वह 'रेड ओक' नामक कंपनी का प्रबंधक था। कंपनी ने उसपर आरोप लगाया गया था कि बैंक खाते में मौजूद पैसों का दुरुपयोग कर उसने अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन किया।
यहां वह रेड ओक नामक कंपनी के लिए रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करता था। जिसने आरोप लगाया गया कि केल ने अपने खाते में पैसे का इस्तेमाल करके अनधिकृत विदेशी मुद्रा का लेनदेन किया। उप लोक अभियोजक जीन टिंग ने बताया कि पुरुषोत्तम ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए 'रेड ओक' को 1.4 करोड़ डॉलर देने की बात भी स्वीकार की। 'रेड ओक' को पैसे पुरुषोत्तम ने 'बार्कलेज बैंक' के ग्राहकों के खातों से दिए। टिंग ने अदालत को बताया कि उसने इस तरह के लगभग 81 अनधिकृत लेनदेन किए।
टिंग ने अदालत को बताया कि केल अपनी कंप्यूटर फाइल में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं से वास्तविक हस्ताक्षर कॉपी और पेस्ट करके जाली दस्तावेजों को आगे भेजता था। उसने तीन ग्राहकों के निकाले गए पैसों में थोड़ी कमी करने के लिए अन्य ग्राहकों के अकाउंट से पैसे स्थानांतरित किए। जिसके लिए उसने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
केवल इतना ही नहीं वह जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल अपने ग्राहकों के नाम से बैंक अकाउंट खोलने के लिए भी करता था। ताकि वह ऋण ले सके। इस ऋण के पैसों को रेड ओक को ट्रांसफर किया जाता था, और बाद में अन्य अनधिकृत फंड को छिपाने के लिए इसका इस्तेमाल होता था।
रिपोर्ट के अनुसार केल ने अपने छह ग्राहकों द्वारा बनाए गए खातों से 162 ऋण लिए। वह ग्राहकों के पैसों के नुकसान को कम करने के लिए अपने ग्राहकों के खातों का उपयोग करके अनधिकृत स्टॉक और विदेशी मुद्रा लेनदेन के माध्यम से पैसा बनाने की कोशिश करता था। लेकिन इससे उसका और नुकसान होता गया। एक फरवरी, 2013 को कमर्शियल अफेयर डिपार्टमेंट को पता चला कि केल ने अपने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की है।