फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   indian diaspora rallies in london support of pm modi outside high commission Reach India

'भारत को बदनाम करने की हो रही साजिश': लंदन में पीएम मोदी के समर्थन में रैली, सीजेपी के प्रदर्शन पर क्या कहा?

Sat, 17 Oct 2026 12:17 PM IST
अमन मौर्या आईएएनएस, लंदन
आईएएनएस, लंदन Published by: अमन मौर्या Updated Sat, 17 Oct 2026 12:17 PM IST
सार

लंदन में भारतीय समुदाय ने उच्चायोग के बाहर रैली निकालकर पीएम मोदी और भारत सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने विदेशों में देश की छवि खराब करने वाले भारत-विरोधी तत्वों के विरोध-प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना की है।

विज्ञापन
indian diaspora rallies in london support of pm modi outside high commission Reach India
लंदन में पीएम मोदी के समर्थन में रैली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लंदन में भारतीय समुदाय के लोगों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने तिरंगा लहराया और प्रधानमंत्री के पक्ष में नारे लगाए। इस रैली में भारतीय समुदाय के लोगों ने 'मोदी, मोदी', 'भारत माता की जय' और 'जय श्री राम' के नारे लगाए और प्रधानमंत्री तथा भारत सरकार के प्रति अपना समर्थन जताया। रैली में शामिल लोगों ने कहा कि वे विदेशों में भारत की छवि बचाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। उनका मानना है कि देश में जो प्रदर्शन हो रहे हैं, उनका मकसद विदेशी धरती पर देश की साख को नुकसान पहुंचाना है। पीएम के समर्थन में यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब भारत में कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये समूह मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को निशाना बना रहे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: किम जोंग का शक्ति प्रदर्शन: उत्तर कोरिया ने एआई-बेस्ड टॉरपीडो सिस्टम का किया परीक्षण, प्योंगयांग ने क्या कहा?
विज्ञापन


रैली में शामिल लोगों ने क्या आरोप लगाया?
विपक्षी समूहों ने इस प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। लंदन में रहने वाले भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस रैली का मकसद उन कोशिशों का विरोध करना था, जिन्हें वे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने के प्रयास के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा, 'आज हम लंदन के भारत भवन में उन लोगों का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए हैं, जो हमारी नजर में भारत को बदनाम कर रहे हैं। भारतीय राष्ट्रवादी होने के नाते, हम उनके कार्यों का जवाब देने और अपने देश के बचाव में अपनी आवाज उठाने के लिए एक साथ आए हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के तरीके पर सवाल उठाते हुए, रैली में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि लोकतंत्र में शिकायतों का समाधान कानूनी और संवैधानिक तरीकों से किया जाना चाहिए, न कि ऐसे प्रदर्शनों के जरिए, जिनसे विदेशों में देश की छवि खराब हो सकती है। उन्होंने आगे कहा, 'आखिर आप किस बात का विरोध कर रहे हैं? अगर आपको कोई शिकायत है, तो याद रखें कि भारत एक लोकतंत्र है। आप अदालतों (सुप्रीम कोर्ट सहित) का दरवाजा खटखटा सकते हैं और कानूनी प्रणाली के जरिए न्याय पा सकते हैं। आपके पास सबूत कहां हैं? ऐसा लगता है कि आपका विरोध इसलिए है क्योंकि आप पीएम मोदी, उनके नेतृत्व और भारत की प्रगति को पसंद नहीं करते हैं।' भारतीय समुदाय के एक अन्य सदस्य ने बताया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री और सरकार के समर्थन में किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए चुनी गई है, इसलिए उसे शासन करने का जनादेश (मैन्डेट) प्राप्त है।


उन्होंने कहा, 'हम यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के समर्थन में इकट्ठा हुए हैं, क्योंकि उन्हें भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है और उनके पास सत्ता में बने रहने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रधानमंत्री मोदी के पास जनता का जनादेश है। जहां लोग गरीबी की बात करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी सरकार की यह उपलब्धि काबिले तारीफ है कि उन्होंने गरीबों के लिए 30 करोड़ (300 मिलियन) बैंक खाते खुलवाए हैं।'

ये भी पढ़ें: नव-नाजीवाद का पर्दाफाश: अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले के साजिशकर्ता की डायरी में क्या मिला? पुलिस का खुलासा

रीच इंडिया ने क्या कहा?
इस बीच, 'रीच' (Race, Ethnicity and Cultural Heritage) इंडिया (जो दुनिया भर में भारतीयों को जोड़ने वाला एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है) ने एनएसयूआई के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों की कड़े शब्दों में आलोचना की। 'रीच' इंडिया ने एक्स हैंडल पर लिखा, 'कुछ देशद्रोही जो भारत में अराजकता फैलाने के लिए बाहर से फंड ले रहे हैं और बुरी तरह विफल रहे हैं, वे अब दूसरे देशों में भारत को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रिय छात्रों, आप अपने माता-पिता के पैसे या सरकारी प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) से यूके आए हैं। अपने समय का सही इस्तेमाल करें, न कि भारत-विरोधी तत्वों के साथ मिलकर अपमानजनक नारे लगाएं। आप भारत-विरोधी लोगों के साथ घुल-मिल रहे हैं और आप पर नजर रखी जा रही है। आइए, भारतीय राजनीति पर भारत के भीतर ही चर्चा करें।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed