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2016 में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचने वाले भारतीय नागरिक की हुई वतन वापसी
Wed, 18 Nov 2020 10:28 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 18 Nov 2020 10:28 PM IST
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वाघा बोर्डर
- फोटो : पीटीआई
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गैरकानूनी तरीके से वर्ष 2016 में सीमा पार कर पाकिस्तान जाने वाले एक भारतीय नागरिक को चार साल कैद की सजा काटने के बाद बुधवार को वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल के जवानों को सौंप दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, कुंदन लाल का बेटा पनवासी लाल अगस्त 2016 में समझौता एक्सप्रेस से बिना उचित यात्रा दस्तावेजों के लाहौर रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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शुरुआत में उसने पुलिस को बताया कि उसका नाम मोहम्मद असलम है और वह पाकिस्तानी है। उसके पास से 500 रुपये भी मिले। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि उसका असली नाम पनवासी लाल है और वह मानसिक रूप से स्थिर नहीं था।
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इस मामले को भारतीय अधिकारियों के समक्ष उठाया गया कि वह बिना यात्रा दस्तावेजों के लाहौर रेलवे स्टेशन कैसे पहुंच गया। बाद में उसे अवैध ढंग से सीमा पार करने के आरोप में चार साल तक लाहौर के केंद्रीय जेल में रखा गया था। बुधवार को पंजाब रेंजर्स ने वाघा सीमा पर बीएसएफ को पनवासी को सौंप दिया।
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