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Crypto Insider Trading Case: कॉइनबेस के पूर्व अधिकारी के भाई निखिल वाही ने कबूला आरोप, जानें पूरा मामला

Tue, 13 Sep 2022 09:52 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 13 Sep 2022 09:52 PM IST
सार

कॉइनबेस दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक है। यह पहली बार है कि प्रतिवादी ने अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी बाजारों से जुड़े अंदरूनी व्यापार मामले में अपना अपराध स्वीकार किया है। इस आरोप में अधिकतम 20 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।

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Indian citizen pleads guilty in first-ever cryptocurrency insider trading case in the US
क्रिप्टो - फोटो : istock

विस्तार

क्रिप्टोकरेंसी इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में जुलाई में गिरफ्तार किए गए निखिल वाही ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। जिसके बाद यूएस डिस्ट्रिक्ट जज लोरेट प्रेस्का ने उन्हें दोषी करार दिया। निखिल वाही क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस ग्लोबल के पूर्व प्रोडक्ट मैनेजर इशान वाही के भाई हैं। उन्हेोंने अमेरिका की एक अदालत में कुबूल किया है कि वह इंसाइडर ट्रेडिंग में शामिल थे। गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा पहला इंसाइडर ट्रेडिंग का पहला मामला है।

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यूएस डिस्ट्रिक्ट जज लोरेट प्रेस्का की अदालत में वर्चुअल पेशी के दौरान निखिल ने कहा कि उन्होंने कॉइनबेस के डेटा से गोपनीय जानकारी हासिल कर खरीदारी की थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि  इशान वाही ने अपने भाई और एक अन्य दोस्त समीर रमानी को उन डिजिटल एसेट्स के बारे में बताया था जो जल्दी कॉइनबेस पर ट्रेड के लिए आने वाली थीं। इन तीनों पर 15 लाख डॉलर (करीब 12 करोड़ रुपये) से ज्यादा का अवैध लाभ कमाने का आरोप है। 
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कॉइनबेस दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक है। यह पहली बार है कि प्रतिवादी ने अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी बाजारों से जुड़े अंदरूनी व्यापार मामले में अपना अपराध स्वीकार किया है। इस आरोप में अधिकतम 20 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। अब उन्हें 13 दिसंबर को जज प्रेस्का द्वारा सजा सुनाई जाएगी।
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न्यू यॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के अटॉर्नी डेमियन विलियम्स ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोप लगाए जाने के दो महीने से भी कम समय के बाद निखिल वाही ने सोमवार को अदालत में स्वीकार किया कि उन्होंने कॉइनबेस की गोपनीय व्यावसायिक जानकारी के आधार पर क्रिप्टो करेंसी में कारोबार किया था, जिसके वे हकदार नहीं थे। विलियम्स ने कहा कि यह पहली बार है, जब प्रतिवादी ने क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार से जुड़े एक अंदरूनी व्यापार मामले में अपना अपराध स्वीकार किया है।

गौरतलब है कि जुलाई में अमेरिका में दो भारतीय भाइयों और उनके भारतीय-अमेरिकी मित्र पर पहली बार क्रिप्टोकरेंसी इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में आरोप लगाया गया था। सिएटल में रह रहे 32 वर्षीय ईशान वाही और उनके 26 वर्षीय भाई निखिल वाही जो कि भारत के नागरिक हैं, ने ह्यूस्टन के 33 वर्षीय समीर रमानी (भारतवंशी) के साथ मिलकर 15 लाख डॉलर (करीब 12 करोड़ रुपये) से ज्यादा का अवैध लाभ कमाया था। तीनों पर क्वॉइनवेस एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली क्रिप्टो एसेट को लेकर गुप्त सूचनाएं लीक करने का आरोप है। 


25 अलग-अलग क्रिप्टो एसेट में इनसाइडर ट्रेडिंग
इस मामले में आरोपियों ने कम से कम 25 अलग-अलग क्रिप्टो एसेट में अवैध व्यापार किया और लाखों डॉलर का अवैध लाभ कमाया। ईशान वाही पर वायर फ्रॉड की साजिश व वायर फ्रॉड के दो मामले दर्ज हैं, जिनमें से प्रत्येक में अधिकतम 20 साल की सजा का प्रावधान है।

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